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कानून बनने के 16 साल बाद भी नपा ने लागू नहीं की स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी
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नगर पालिका के गेट के पास लगी रेहड़िया
- फोटो : Narnol
कानून लागू होने के 16 साल बाद स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी को लागू नहीं कर सकी। जिस कारण शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर रेहड़ी चालकों का कब्जा है। अवैध तरीके से लगी रेहड़ियों के कारण शहर की व्यवस्था बदहाल साबित हो रही है। रेहड़ी शहर में जाम का कारण भी बन रही हैं।
करीब सात साल पहले प्रदेश भर के शहरों में स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी शुरू करने का एलान किया गया था, जिसमें रेहड़ी लगाकर अपना गुजर बसर करने वालों को एक तय स्थान दिया जाना था। शहर में कुछ वेंडिंग जोन तय किए जाने थे। रेहड़ी संचालकों का सर्वे कर उनको पंजीकरण नंबर प्रदान किए जाने थे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अलग अलग नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगमों से सर्वे कराया था। महेंद्रगढ़ शहर में भी नगर पालिका को स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने थे। इसके लिए रेहड़ी चालकों की सर्वेक्षण किया था। नगर पालिका ने इसके लिए स्थान भी तय किए थे।
नपा की ओर से अब तक इस योजना को लागू नहीं किया जा सका है। महेंद्रगढ़ शहर में करीब 400 से अधिक रेहड़ी शहर के प्रमुख बाजारों में लग रही हैं। जिस कारण शहर की व्यवस्था बिगड़ रही है। अव्यवस्थित रेहड़ी शहर के सौंदर्य को भी बिगाड़ रही हैं। रेहड़ी-पटरी वालों के कारण बाजार में जाम भी लग रहा है। अब तो सड़क के बीच में भी सामान बेचा जा रहा है। नगर पालिका की ओर से कभी कभार ही इनके खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
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20 सदस्यीय कमेटी लेगी फैसल
टाउन वेंडिंग कमेटी में करीब 20 सदस्य शामिल हैं। कमेटी के अध्यक्ष उपायुक्त होंगे। इसके अलावा एसडीएम, प्रवर चिकित्सा अधिकारी, चीफ टाउन प्लानर, ट्रैफिक पुलिस से डीएसपी रैंक का अधिकारी, नपा चेयरमैन, नगरपालिका सचिव, नगरपालिका एमई सहित मार्केट एसोसिएशन के मेंबर भी शामिल हैं। वेंडिंग जोन में सारे स्ट्रीट वेंडरों को तय स्थानों पर अपनी रेहड़ी-पटरी लगानी होगी। कमेटी ही स्थानों को लेकर फैसला लेगी।
शहर से खत्म हो जाएगा अतिक्रमण
वेंडर पॉलिसी लागू होने से जहां सड़क किनारे अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-ठेला और पटरी व्यवस्थित हो जाएगी। वहीं, शहर में अस्थायी तौर पर होने वाला अतिक्रमण खत्म हो जाएगा। वेंडरों को निर्धारित जगह मिल जाएगी। जिससे वेंडर जोन के अलावा खड़े होने वाले रेहड़ी-पटरी वालों पर जुर्माना लगाने सहित कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
ये कार्य करेगी कमेटी
टाउन वेंडिंग कमेटी इस बात का निर्धारण करेगी कि शहर में कितने स्थानों पर वेंडर जोन बनाए जाएंगे। किस वेंडर जोन में कितने वेंडर खड़े हो सकेंगे। कितने स्थायी होंगे और कितने अस्थायी होंगे। वेंडर जोन के लिए यह भी निर्धारित किया जाएगा कि कहां किस प्रकार का सामान बेचा जाएगा और किस वेंडर को कितनी जगह दी जाएगी। जगह का निर्धारण करने के साथ वेंडर का वेरिफिकेशन और जगह निर्धारित कराने का कार्य कमेटी के द्वारा किया जाएगा।
यह है स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी
स्ट्रीट वेंडर पर नेशनल पॉलिसी 2004 लागू है। जिसमें वेंडर से किसी प्रकार की फीस नहीं वसूलने का प्रावधान है। स्ट्रीट पॉलिसी बनने के बाद वेंडर को नियमित कर दी जाएंगी। सब्जी, फल व अन्य सामान बेचने के लिए आबादी वाले क्षेत्र में जाने का समय तय होगा। हरियाणा सरकार ने 2012 में इसे सभी शहरों के लिए अपनाने का फैसला लिया था।
यहां यहां रेहड़ी वालों का कब्जा
- हुडडा पार्क के सामने
- यादव धर्मशाला से ईएसएम कैंटीन
- सब्जी मंडी रोड
- रेलवे रोड
- बालाजी चौक से ईएसएम कैंटीन
- शापिंग कांप्लेक्स एरिया
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करीब सात साल पहले प्रदेश भर के शहरों में स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी शुरू करने का एलान किया गया था, जिसमें रेहड़ी लगाकर अपना गुजर बसर करने वालों को एक तय स्थान दिया जाना था। शहर में कुछ वेंडिंग जोन तय किए जाने थे। रेहड़ी संचालकों का सर्वे कर उनको पंजीकरण नंबर प्रदान किए जाने थे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अलग अलग नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगमों से सर्वे कराया था। महेंद्रगढ़ शहर में भी नगर पालिका को स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने थे। इसके लिए रेहड़ी चालकों की सर्वेक्षण किया था। नगर पालिका ने इसके लिए स्थान भी तय किए थे।
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नपा की ओर से अब तक इस योजना को लागू नहीं किया जा सका है। महेंद्रगढ़ शहर में करीब 400 से अधिक रेहड़ी शहर के प्रमुख बाजारों में लग रही हैं। जिस कारण शहर की व्यवस्था बिगड़ रही है। अव्यवस्थित रेहड़ी शहर के सौंदर्य को भी बिगाड़ रही हैं। रेहड़ी-पटरी वालों के कारण बाजार में जाम भी लग रहा है। अब तो सड़क के बीच में भी सामान बेचा जा रहा है। नगर पालिका की ओर से कभी कभार ही इनके खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
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20 सदस्यीय कमेटी लेगी फैसल
टाउन वेंडिंग कमेटी में करीब 20 सदस्य शामिल हैं। कमेटी के अध्यक्ष उपायुक्त होंगे। इसके अलावा एसडीएम, प्रवर चिकित्सा अधिकारी, चीफ टाउन प्लानर, ट्रैफिक पुलिस से डीएसपी रैंक का अधिकारी, नपा चेयरमैन, नगरपालिका सचिव, नगरपालिका एमई सहित मार्केट एसोसिएशन के मेंबर भी शामिल हैं। वेंडिंग जोन में सारे स्ट्रीट वेंडरों को तय स्थानों पर अपनी रेहड़ी-पटरी लगानी होगी। कमेटी ही स्थानों को लेकर फैसला लेगी।
शहर से खत्म हो जाएगा अतिक्रमण
वेंडर पॉलिसी लागू होने से जहां सड़क किनारे अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-ठेला और पटरी व्यवस्थित हो जाएगी। वहीं, शहर में अस्थायी तौर पर होने वाला अतिक्रमण खत्म हो जाएगा। वेंडरों को निर्धारित जगह मिल जाएगी। जिससे वेंडर जोन के अलावा खड़े होने वाले रेहड़ी-पटरी वालों पर जुर्माना लगाने सहित कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
ये कार्य करेगी कमेटी
टाउन वेंडिंग कमेटी इस बात का निर्धारण करेगी कि शहर में कितने स्थानों पर वेंडर जोन बनाए जाएंगे। किस वेंडर जोन में कितने वेंडर खड़े हो सकेंगे। कितने स्थायी होंगे और कितने अस्थायी होंगे। वेंडर जोन के लिए यह भी निर्धारित किया जाएगा कि कहां किस प्रकार का सामान बेचा जाएगा और किस वेंडर को कितनी जगह दी जाएगी। जगह का निर्धारण करने के साथ वेंडर का वेरिफिकेशन और जगह निर्धारित कराने का कार्य कमेटी के द्वारा किया जाएगा।
यह है स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी
स्ट्रीट वेंडर पर नेशनल पॉलिसी 2004 लागू है। जिसमें वेंडर से किसी प्रकार की फीस नहीं वसूलने का प्रावधान है। स्ट्रीट पॉलिसी बनने के बाद वेंडर को नियमित कर दी जाएंगी। सब्जी, फल व अन्य सामान बेचने के लिए आबादी वाले क्षेत्र में जाने का समय तय होगा। हरियाणा सरकार ने 2012 में इसे सभी शहरों के लिए अपनाने का फैसला लिया था।
यहां यहां रेहड़ी वालों का कब्जा
- हुडडा पार्क के सामने
- यादव धर्मशाला से ईएसएम कैंटीन
- सब्जी मंडी रोड
- रेलवे रोड
- बालाजी चौक से ईएसएम कैंटीन
- शापिंग कांप्लेक्स एरिया