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Mahendragarh-Narnaul News: शहर के बीच 20 से अधिक जर्जर भवनों से हो सकता है हादसा
Mon, 02 Dec 2024 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 02 Dec 2024 12:06 AM IST
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महेंद्रगढ़। शहर की घनी आबादी के बीच 20 से अधिक जर्जर भवनों से कभी भी हादसा हो सकता है। नगर पालिका की ओर से एक वर्ष पूर्व इन्हें खंडहर घोषित कर तोड़ने के लिए नोटिस नोटिस लगाए थे। इनमें से रिहायशी व सरकार भावन शामिल हैं।
नगर पालिका खंडहर हवेलियों पर नोटिस लगाने के बाद भी सुध लेना भूल गई। जबकि हवेली के मालिक भी पुरानी हवेलियों की सुध नहीं ले रहे है। इसके कारण कभी बड़ी अनहोनी हो सकती है। शहर के बीचोबीच करीब 200 से 300 वर्ष पूर्व बने मकान हैं। ये मकान भी घनी आबादी के बीच हैं। ऐसे में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इन भवनों की दीवारें इतनी कमजोर हो चुकी है कि कभी भी भरभरा कर गिर सकती हैं।
नगरपालिका भी एक वर्ष पूर्व नोटिस चस्पा कर इनकी सुध लेना ही भूल गई। ऐसा नहीं है कि प्रशासन का ध्यान इस पर नहीं है, लेकिन समय बीतने के साथ आदेश कागजों तक ही सिमटकर रह जाते हैं।
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-यहां अधिक हादसे की आशंका
शहर के प्रत्येक वार्ड में तीन से चार जर्जर भवन हैं। मोहल्ला जवाहरनगर, करेलिया बाजार, मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला बिढ़ाट, जेपी स्कूल के पास, परशुराम चौक, पुराना बीईओ कार्यालय, दर्जियान गली आदि मोहल्लों में जर्जर भवन हैं।
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कॉलेज रोड स्थित पुराने खंड अधिकारी कार्यालय का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि कुछ महीने पहले पूर्व छज्जा गिरने के दौरान एक टेंट हाउस संचालन बच गया था। - नरेश शर्मा
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मोहल्ला निमड़ी नीचे खंडहर भवन में नपा ने नोटिस तो लगा दिए, लेकिन अभी तक तोड़ा नहीं गया है। नपा को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि अनहोनी से बचा जा सके। - मनीष राजपूत
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मोहल्ला जवाहर नगर में एक खंडहर हवेली है जो कभी भी गिर सकती है। लोगो ने इसको तोड़ने के लिए कई बार मौखिक शिकायत की है, लेकिन नपा इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। - लक्ष्मीकांत
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वार्ड नंबर 4 में हवेली खंडहर हो चुकी है। इस सड़क मार्ग से तमाम लोग आवागमन करते हैं। लोगो को भय सता रहा है कि कहीं काई बड़ा हादसा न हो जाए। - कुलदीप कानोडिया
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- वर्जन:
जल्द ही नगर पालिका की ओर से शहर में सर्वे कराकर जर्जर भवनों की स्थिति का पता लगाया जाएगा। जिन भवनों से हादसों की आशंका है उनके मालिकों को दोबारा नोटिस जारी कर तुड़वाने के आदेश दिए जाएंगे।- रमेश सैनी, नगरपालिका प्रधान
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नगर पालिका खंडहर हवेलियों पर नोटिस लगाने के बाद भी सुध लेना भूल गई। जबकि हवेली के मालिक भी पुरानी हवेलियों की सुध नहीं ले रहे है। इसके कारण कभी बड़ी अनहोनी हो सकती है। शहर के बीचोबीच करीब 200 से 300 वर्ष पूर्व बने मकान हैं। ये मकान भी घनी आबादी के बीच हैं। ऐसे में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इन भवनों की दीवारें इतनी कमजोर हो चुकी है कि कभी भी भरभरा कर गिर सकती हैं।
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नगरपालिका भी एक वर्ष पूर्व नोटिस चस्पा कर इनकी सुध लेना ही भूल गई। ऐसा नहीं है कि प्रशासन का ध्यान इस पर नहीं है, लेकिन समय बीतने के साथ आदेश कागजों तक ही सिमटकर रह जाते हैं।
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-यहां अधिक हादसे की आशंका
शहर के प्रत्येक वार्ड में तीन से चार जर्जर भवन हैं। मोहल्ला जवाहरनगर, करेलिया बाजार, मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला बिढ़ाट, जेपी स्कूल के पास, परशुराम चौक, पुराना बीईओ कार्यालय, दर्जियान गली आदि मोहल्लों में जर्जर भवन हैं।
कॉलेज रोड स्थित पुराने खंड अधिकारी कार्यालय का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि कुछ महीने पहले पूर्व छज्जा गिरने के दौरान एक टेंट हाउस संचालन बच गया था। - नरेश शर्मा
मोहल्ला निमड़ी नीचे खंडहर भवन में नपा ने नोटिस तो लगा दिए, लेकिन अभी तक तोड़ा नहीं गया है। नपा को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि अनहोनी से बचा जा सके। - मनीष राजपूत
मोहल्ला जवाहर नगर में एक खंडहर हवेली है जो कभी भी गिर सकती है। लोगो ने इसको तोड़ने के लिए कई बार मौखिक शिकायत की है, लेकिन नपा इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। - लक्ष्मीकांत
वार्ड नंबर 4 में हवेली खंडहर हो चुकी है। इस सड़क मार्ग से तमाम लोग आवागमन करते हैं। लोगो को भय सता रहा है कि कहीं काई बड़ा हादसा न हो जाए। - कुलदीप कानोडिया
- वर्जन:
जल्द ही नगर पालिका की ओर से शहर में सर्वे कराकर जर्जर भवनों की स्थिति का पता लगाया जाएगा। जिन भवनों से हादसों की आशंका है उनके मालिकों को दोबारा नोटिस जारी कर तुड़वाने के आदेश दिए जाएंगे।- रमेश सैनी, नगरपालिका प्रधान