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Mahendragarh-Narnaul News: मोहित आत्महत्या प्रकरण ...18 दिन बाद भी शव लेने के लिए नहीं पहुंचे परिजन
Tue, 31 Dec 2024 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 31 Dec 2024 01:16 AM IST
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कनीना। गांव बाघोत के मोहित आत्महत्या प्रकरण में 18 दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों ने अभी तक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। परिजनों का कहना है कि न्याय के लिए वह 7 जनवरी को हाईकोर्ट में गुहार लगाएंगे।
14 दिसंबर को उपमंडल के गांव बाघोत में 26 वर्षीय युवक मोहित ने आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पिता कैलाश पुजारी जहां शुक्रवार को महेंद्रगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली में उनसे मिलकर अपना दुखड़ा सुनाना चाहते थे किंतु रैली रद्द हो गई और वे मायूस नजर आये। शव का पोस्टमार्टम पुलिस ने करवा दिया था किंतु उस वक्त परिजनों ने पूर्व मंत्री सहित आठ लोगों पर मामला दर्ज करने की शिकायत दी थी। पुलिस ने पहले उस संबंध में प्रमाण मांगे जिसके कारण एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं कैलाश पुजारी तथा उनके परिवार वालों ने शव को लेने से इनकार कर दिया था। तत्पश्चात से शव कनीना के शवगृह में रखा हुआ है और 18 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है।
एफआईआर दर्ज होने पर ही करेंगे अंतिम संस्कार
कैलाश पुजारी का कहना है कि आठ लोगों ने अत्याचार किए थे जिसके चलते उसके पुत्र ने आत्महत्या कर ली थी। उनके घर पर तीन बार एसडीएम, डीएसपी, तहसीलदार कानूनगो आदि आए हैं किंतु वे अडिग हैं, पहले मामला दर्ज करने की बात कह रहे हैं। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वे अब न्यायालय की शरण लेंगे।
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14 दिसंबर को उपमंडल के गांव बाघोत में 26 वर्षीय युवक मोहित ने आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पिता कैलाश पुजारी जहां शुक्रवार को महेंद्रगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली में उनसे मिलकर अपना दुखड़ा सुनाना चाहते थे किंतु रैली रद्द हो गई और वे मायूस नजर आये। शव का पोस्टमार्टम पुलिस ने करवा दिया था किंतु उस वक्त परिजनों ने पूर्व मंत्री सहित आठ लोगों पर मामला दर्ज करने की शिकायत दी थी। पुलिस ने पहले उस संबंध में प्रमाण मांगे जिसके कारण एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं कैलाश पुजारी तथा उनके परिवार वालों ने शव को लेने से इनकार कर दिया था। तत्पश्चात से शव कनीना के शवगृह में रखा हुआ है और 18 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है।
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एफआईआर दर्ज होने पर ही करेंगे अंतिम संस्कार
कैलाश पुजारी का कहना है कि आठ लोगों ने अत्याचार किए थे जिसके चलते उसके पुत्र ने आत्महत्या कर ली थी। उनके घर पर तीन बार एसडीएम, डीएसपी, तहसीलदार कानूनगो आदि आए हैं किंतु वे अडिग हैं, पहले मामला दर्ज करने की बात कह रहे हैं। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वे अब न्यायालय की शरण लेंगे।
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