फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   MIS portals of 33 private schools blocked for disregarding RTE norms.

Mahendragarh-Narnaul News: आरटीई नियमों की अनदेखी पर 33 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद

Thu, 16 Jul 2026 11:46 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
MIS portals of 33 private schools blocked for disregarding RTE norms.
फोटो नंबर-04जिला ​शिक्षा अ​धिकारी कार्यालय।
नारनौल। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों के दाखिलों में नियमों का पालन नहीं करने वाले 33 निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने इन स्कूलों का एमआईएस पोर्टल तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। हालांकि पोर्टल बंद होने के बाद भी स्कूलों का नियमित संचालन जारी है।
विज्ञापन

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मौलिक शिक्षा निदेशालय ने मार्च में सभी निजी स्कूलों को स्वीकृत सीटों की संख्या और मान्यता से जुड़े दस्तावेज एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

अधिकांश स्कूलों ने समय पर जानकारी उपलब्ध करा दी लेकिन जिले के 33 स्कूलों ने बार-बार निर्देश मिलने के बाद भी जरूरी दस्तावेज अपलोड नहीं किए। विभाग ने 1 जुलाई को दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले स्कूलों को अंतिम मौका भी दिया था लेकिन तय समय तक नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद इनका पोर्टल बंद कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पोर्टल बंद होने से संबंधित स्कूल विभाग की ऑनलाइन सेवाओं और प्रशासनिक सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकेंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन स्कूलों के खिलाफ आगे भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरटीई के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के तहत चयनित विद्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन का काम 15 जुलाई तक पूरा कर लिया गया है। जिले में दूसरे चरण के लिए 21 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इनमें अटेली के 3, कनीना के 2, महेंद्रगढ़ के 4 और नारनौल खंड के 12 विद्यार्थी शामिल हैं।

अशोक शर्मा ने कहा कि विभाग का उद्देश्य ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों को उनका अधिकार दिलाना और दाखिला प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। नियम तोड़ने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed