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ईश्वर का मिलना सहज पर संतों का मिलना दुर्लभ : प्रपन्नाचार्य
Wed, 07 Aug 2024 11:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 07 Aug 2024 11:08 PM IST
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फोटो संख्या:73- बाबा जयराम दास धर्मशाला महेंद्रगढ़ श्रीमद्भागवत कथा में पूजन करते श्रद्धालु--स
महेंद्रगढ़। सतगुरु सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार से बाबा जयरामदास धर्मशाला में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह समारोह का शुभारंभ हुआ। कथा के दूसरे दिन मंगलवार को देर शाम तक चली, जिसके मुख्य यजमान अमित मिश्रा रहे।
वृंदावन से पधारे स्वामी राम प्रपन्नाचार्य महाराज ने कथा की अमृत वर्षा करते हुए बताया कि ईश्वर की अनुपम कृपा से ही लोगों को भागवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। कथा के स्मरण से मानव के जीवन में सहजता तथा सरलता आती है। ईश्वर का मिलना सहज है, लेकिन संतों का मिलना और संतों के साथ सत्संग मिलना दुर्लभ है।
उन्होंने कहा कि मृत्यु को मंगलमय बनाने का उपक्रम साधन भी श्रीमद्भागवत कथा है। भगवान के 24 अवतारों का वर्णन है। नारद के पूर्व जन्म की कथा नाम संकीर्तन और सभी की सेवा करना ही श्रेष्ठ भक्ति है। इस अवसर पर सुरेश राजस्थानी, सुशील बिढाट, हरिराम मैहता, विष्णु दत्त शर्मा, प्रेम पाल वाले, मुकेश मैहता, सुषमा देवी, पुष्पा शर्मा सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।
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वृंदावन से पधारे स्वामी राम प्रपन्नाचार्य महाराज ने कथा की अमृत वर्षा करते हुए बताया कि ईश्वर की अनुपम कृपा से ही लोगों को भागवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। कथा के स्मरण से मानव के जीवन में सहजता तथा सरलता आती है। ईश्वर का मिलना सहज है, लेकिन संतों का मिलना और संतों के साथ सत्संग मिलना दुर्लभ है।
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उन्होंने कहा कि मृत्यु को मंगलमय बनाने का उपक्रम साधन भी श्रीमद्भागवत कथा है। भगवान के 24 अवतारों का वर्णन है। नारद के पूर्व जन्म की कथा नाम संकीर्तन और सभी की सेवा करना ही श्रेष्ठ भक्ति है। इस अवसर पर सुरेश राजस्थानी, सुशील बिढाट, हरिराम मैहता, विष्णु दत्त शर्मा, प्रेम पाल वाले, मुकेश मैहता, सुषमा देवी, पुष्पा शर्मा सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।
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