फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Martyr Rampal Tanwar cremated with state honours in Mahendragarh

महेंद्रगढ़: राजकीय सम्मान के साथ शहीद को दी अंतिम विदाई, बारिश में भी झलक पाने को राहों में खड़े रहे लोग

Sat, 22 Jan 2022 10:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 22 Jan 2022 10:05 PM IST
सार

शहीद रामपाल सिंह का परिवार सैनिकों का परिवार है। पहले भी इसी परिवार से शहीद कृष्ण कुमार ने भी जम्मू कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहादत दी थी। बारिश में भी हजारों युवा लाडले की झलक पाने को राहों में खड़े थे। 

विज्ञापन
Martyr Rampal Tanwar cremated with state honours in Mahendragarh
शहीद रामपाल सिंह तंवर को अंतिम विदाई देते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में क्षेत्र के हजारों की संख्या में लोगों ने शहीद रामपाल सिंह तंवर को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शहीद की झलक पाने को जिले में प्रवेश करते ही अनेक स्थानों पर लोग सम्मान में खड़े हुए। शहर में प्रवेश करते ही राव तुलाराम चौक पर सैकड़ों युवाओं ने बाइकों के काफिले के साथ शहर की परिक्रमा की।

विज्ञापन


 गांव चितलांग निवासी हवलदार रामपाल सिंह तंवर ने जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में ड्यूटी के दौरान अपनी शहादत दी। शहीद का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गांव चितलांग लाया गया जहां भारी संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सेना के टुकड़ी द्वारा शहीद रामपाल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। शहीद रामपाल के दोनों पुत्र कृष्ण व अर्जुन ने उन्हें मुखाग्नि दी। 
विज्ञापन

भारत माता के जयकारों से गूंजा महेंद्रगढ़

जिले की सीमा से सैकड़ों वाहन उनके पार्थिव शरीर को लेकर गांव पाली में बाबा जयराम दास आश्रम में पहुंचे जहां हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने भारत मां की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा, रामपाल तुम्हारा नाम रहेगा के नारों के साथ वातावरण को गुंजायमान कर दिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में बारिश के बीच नौजवान हाथों में तिरंगा लेकर मां भारती के सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े। शहीद रामपाल का पार्थिव शरीर बाबा जयराम दास धाम पहुंचा जहां लोगों ने माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीद रामपाल के पार्थिव शरीर को एंबुलैंस के माध्यम से गांव चितलांग ले जाया गया जहां सेना की टुकड़ी व लोगों ने राजकीय सम्मान के साथ शहीद रामपाल का अंतिम संस्कार किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश के पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, प्रशासन की तरफ से तहसीलदार सुनीता देवी, पूर्व जिला पार्षद प्रदीप यादव मालड़ा, धर्मपाल चौधरी, समाजसेवी रामनिवास पाटोदा, गांव के सरपंच हरिओम, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख कैलाश पाली, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष रामजीवन मितल, बाबा जयराम दास मंदिर कमेटी के प्रधान सूबेदार राम अवतार सिंह, सचिव वीरेंद्र तंवर, देशराज सिंह, कप्तान शेर सिंह व सरपंच सुरेंद्र सिंह सहित अनेक लोगों ने शहीद रामपाल को अंतिम विदाई दी।
 

देश सेवा से जुड़ा रहा है परिवार

यह परिवार सैनिकों का परिवार है जिसमें दो दर्जन से अधिक सैनिक व पूर्व सैनिक हैं। पहले भी इस परिवार के लाडले कृष्ण कुमार ने भी जम्मू कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए अपनी शहादत दी थी। सरकार की तरफ से नियमानुसार मिलने वाली हर सुविधाएं शहीद रामपाल सिंह के परिवार को भी दी जाएगी। 

गुलमर्ग में थी तैनाती

बता दे कि गांव चितलांग का रामपाल सिंह तंवर पुत्र बहादुर सिंह तंवर जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में ड्यूटी पर तैनात था। 20 जनवरी को ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गया। रामपाल सिंह तंवर वर्तिका 2018 आरआर यूनिट-22 राजरिफ वर्ष 2002 में आर्मी में भर्ती हुआ था। उसकी शादी 17 फरवरी 2006 में चरखी दादरी जिले के गांव बंद खुर्द में सुनीता देवी के साथ हुई थी। 20 साल सेना में सर्विस करते हुए गुलमर्ग जम्मू कश्मीर में ड्यूटी पर तैनात 20 जनवरी 2022 को पोस्ट पर रक्षा करते हुए अपने प्राणों को कुर्बानी दी।


दो बेटे व एक बेटी है शहीद की

वह अपने पीछे दो लड़के और एक लड़की बड़ी है। दोनों बच्चे छोटे हैं लड़की की उम्र 13 साल लड़का एक 10 साल और सबसे छोटा 8 साल का है। शहीद रामपाल के परिवार में इनके पिता भी आर्मी से सेवानिवृत्त है। बड़े भाई सूबेदार रमेश सिंह राज 19 से सेवानिवृत्त है। शहीद रामपाल के पूरे परिवार में लगभग 25 सैनिक है। रामपाल के पूरे परिवार ने भारतीय सेना में सेवा दी है और वर्तमान में दे भी रहें हैं। बता दें कि शहीद रामपाल के बड़े भाई का लड़का गुरुदयाल सिंह का लड़का कृष्ण कुमार भी जम्मू-कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed