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Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ को मिलेगा अत्याधुनिक स्वचालित मौसम केंद्र, शोध व कृषि को होगा लाभ

Thu, 22 Jan 2026 11:55 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:55 PM IST
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Mahendragarh to get a state-of-the-art automatic weather station, benefiting research and agriculture.
फोटो संख्या:52 महिला महाविद्यालय में एमओयू का पत्र दिखाते प्राचार्य व अन्य। स्रोत:विभाग
महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे के सहयोग से स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे महेंद्रगढ़ को अत्याधुनिक स्वचालित मौसम केंद्र मिलेगा और शोध व कृषि को होगा लाभ भी मिलेगा।
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इस संबंध में राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ एवं भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे के बीच समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ।भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत एक प्रतिष्ठित स्वायत्त अनुसंधान संस्थान है जो मौसम, जलवायु व पर्यावरणीय विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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इस समझौते के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में स्थापित होने वाला स्वचालित मौसम केंद्र हवा की गति एवं दिशा, तापमान, आर्द्रता (नमी) व वायुदाब जैसे महत्वपूर्ण मौसमीय मानकों का निरंतर एवं सटीक रिकॉर्ड करेगा। इन आंकड़ों के आधार पर स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
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समझौता ज्ञापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विजय यादव, भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. विकास ने भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे के परियोजना वैज्ञानिक नितिग सिंह सहित अन्य वैज्ञानिकों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक एवं वैज्ञानिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
इस स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना से महेंद्रगढ़ जिले को स्थानीय मौसम से संबंधित महत्वपूर्ण एवं विश्वसनीय वैज्ञानिक आंकड़े उपलब्ध होंगे। इन आंकड़ों का उपयोग शोध व उच्च शिक्षा, कृषि एवं किसान हित, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, शहरी एवं ग्रामीण परियोजनाओं की योजना एवं विकास जैसे विविध क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
इससे न केवल विद्यार्थियों व शोधार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, बल्कि जिले के समग्र विकास में भी यह केंद्र सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. विजय यादव ने कहा कि यह समझौता महाविद्यालय के लिए गौरव एवं उपलब्धि का विषय है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मौसम केंद्र विद्यार्थियों, शिक्षकों व शोधकर्ताओं के लिए व्यावहारिक शिक्षण एवं अनुसंधान का सशक्त मंच प्रदान करेगा। क्षेत्रीय स्तर पर मौसम संबंधी निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक व प्रभावी बनाएगा। यह पहल राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ को वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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