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महेंद्रगढ़ बस हादसा: मृतकों के परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर रोड किया जाम, उच्च स्तरीय जांच के लिए की मांग

Sat, 17 Aug 2024 12:49 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 17 Aug 2024 12:49 PM IST
सार

लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। जबकि आरोपियों में से अधिकांश को जमानत दे दी गई है। जीएल पब्लिक स्कूल में अभी भी कक्षाएं चल रही हैं लेकिन इसकी मान्यता रद्द नहीं की गई है।

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Mahendragarh bus accident, Relatives of the deceased blocked road demanding justice
प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महेंद्रगढ़ गत अप्रैल माह में उन्हाणी के पास हुए दर्दनाक हादसे में मृतक छह बच्चों व परिजनों व क्षेत्र के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर शनिवार को 11 बजे लघु सचिवालय के बाहर महेंद्रगढ़-रेवाड़ी रोड जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने गत 11 अप्रैल को हुए बस हादसे की हाई कोर्ट से जांच की मांग, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मृतक बच्चों की याद में स्मारक स्थल, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता, गंभीर रूप से घायल बच्चों को निशुल्क उपचार, स्कूल की मान्यता रद्द करने, मेडिकल अनफिट बच्चों को भविष्य में सरकारी नौकरी सहित अन्य प्रकार की मांग उठाई। जाम के कारण महेंद्रगढ़-रेवाड़ी मार्ग व कनीना से कोसली रोड पर दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मौके पर शहर थाना व सदर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ पहुंच गए।

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बता दें कि गत 11 अप्रैल को शराब के नशे में बस चालक की लापरवाही के कारण गांव उन्हाणी के पास हैफेड गोदाम के पास बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के कारण हुए हादसे में कुल 34 बच्चे घायल हुए थे जिनमें से छह बच्चों की मौत हो गई थी। हालांकि पुलिस ने आरोपी गाड़ी चालक, स्कूल संचालक, स्कूल प्राचार्य सहित सभी आरोपियों को काबू कर लिया था।
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लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। जबकि आरोपियों में से अधिकांश को जमानत दे दी गई है। जीएल पब्लिक स्कूल में अभी भी कक्षाएं चल रही हैं लेकिन इसकी मान्यता रद्द नहीं की गई है। वहीं मृतक बच्चों के परिजनों का कहना है कि हादसे के समय आचार संहित का बहाना बनाकर सरकार ने उन्हें किसी भी प्रकार का लाभ नहीं दिया। कुछ माता-पिता ने तो अपने दोनों बच्चों को खो दिया। अब उनका बुढ़ापे का सहारा कौन बनेगा। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी अब आंदोलन जारी रखा जाएगा। मुख्य रूप से संदीप यादव, खेड़ी गांव के सरपंच पंकज सिंह तंवर, महिपाल नंबरदार, करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट मंदीप सिंह खेड़ी-तलवाना सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। रोड जाम की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया।

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