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चौधर का चबूतरा से जानते हैं गांव मांदी को
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बस स्टैंड पर बनी शहीद की प्रतिमा।
- फोटो : Narnol
शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर मांदी गांव में एक आईएएस, दो आईपीएस, एक आईआरएस, डॉक्टरों और इंजीनियरों के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज से भी रिश्ता रहा है। गांव की करीब छह हजार आबादी है और 1200 मकान बने हुए हैं। 284 गांवों की चौधराट गांव मांदी को अंग्रेजों से भी पहले से प्राप्त है, जो आज भी बरकरार है। गांव के हर व्यक्ति को चौधरी की उपधि मिली हुई।
बता दें कि अमर उजाला की ओर गांव गाथा अभियान के तहत गांवों के इतिहास से रू-ब-रू कराया जा रहा है। अमर उजाला की टीम सोमवार को नांगल चौधरी रोड स्थित गांव मांदी पहुंची। गांव के बुजुर्ग और पूर्व मार्केट कमेटी के चेयरमैन रणवीर सिंह ने बताया कि दो आईपीएस और एक आईएएस हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गांव में स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उन्होंने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का बचपन गांव में बीता है। स्वर्गीय स्वराज पहले गांव आती रहती थीं। गांव की भांजी ने स्कूल को 12वीं तक कराया था। रणवीर ने बताया कि गांव पहाड़ी पर बसा हुआ है। गांव में दक्षिण कृष्णावती नदी है। हालांकि कई साल से सूखी पड़ी है। पूर्व चेयरमैन ने बताया कि अशोक यादव आईपीएस, पूजा यादव आईपीएस और लोकबंधु आईएएस है। गांव के भूपसिंह ने बताया कि स्वराज इंडिया संस्थापक योगेंद्र यादव भी मांदी से संबंध रखते हैं। गांव क्रांति यादव आईआरएस है। इसके अलावा कर्नल, डॉक्टर, इंजीनियर व वकील, पायलट व पत्रकार समेत अन्य भी हैं। उन्होंने बताया कि गांव में शिक्षक भी काफी है। साल 1962 में शहादत देने वाले राव पृथ्वी सिंह गांव के ही थे। कई स्वतंत्रता सेनानी भी गांव के रहे हैं। आजाद हिंद फौज के साथ सिंगापुर से लेकर इटली के जेलों में भी साथ रहने वाले गांव के कई लोग थे।
गांव में सुविधाएं
गांव में पक्की गलियां, पार्क, आंगनबाड़ी केंद्र, हरिजन चौपाल, बस सुविधा, 12वीं तक स्कूल, मुख्य डाकघर, दो धर्मशाला, पीएससी, पशु अस्पताल, हनुमान मंदिर व सती मंदिर है। गांव में करीब चार मेले लगते हैं। यहां पर एक लाख रुपये की कुश्ती भी होती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी के लिए पब्लिक वाटर टैंक का इंतजाम किया गया है।
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गांव में चारों तरफ विकास हुआ है। घर-घर पीने का पानी पहुंचाना सबसे बड़ी उपलब्धि है। गांव में और विकास करवाया जाएगा। गांव की करीब 6000 की आबादी है। गांव में आपसी भाईचारा है। लोग एक दूसरे की मदद को हमेशा तैयार रहते है। गांव के लोग कोरोना में सरकार के नियम को फोलो कर रहे हैं।
- प्रवंती यादव, सरपंच
गांव मांदी का इतिहास पुराना रहा है। गांव में दो आईपीएस और एक आईएएस हैं। युवा वर्ग पढ़ाई की बदौलत सरकारी नौकरी में लग रह हैं। गांव में हर सुविधा उपलब्ध है। पीने का पानी हर घर में पहुंच रहा है।
- मयंक यादव
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गांव मांदी की भांजी रहीं केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का भी गांव के प्रति काफी लगाव रहा है। उनके कार्यकाल में गांव में काफी विकास हुआ है। सरकारी ग्रांट की गांव को खूब मिली थी। जिसके कारण गांव का विकास हुआ है।
- राव रणवीर यादव, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी नारनौल
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बता दें कि अमर उजाला की ओर गांव गाथा अभियान के तहत गांवों के इतिहास से रू-ब-रू कराया जा रहा है। अमर उजाला की टीम सोमवार को नांगल चौधरी रोड स्थित गांव मांदी पहुंची। गांव के बुजुर्ग और पूर्व मार्केट कमेटी के चेयरमैन रणवीर सिंह ने बताया कि दो आईपीएस और एक आईएएस हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गांव में स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उन्होंने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का बचपन गांव में बीता है। स्वर्गीय स्वराज पहले गांव आती रहती थीं। गांव की भांजी ने स्कूल को 12वीं तक कराया था। रणवीर ने बताया कि गांव पहाड़ी पर बसा हुआ है। गांव में दक्षिण कृष्णावती नदी है। हालांकि कई साल से सूखी पड़ी है। पूर्व चेयरमैन ने बताया कि अशोक यादव आईपीएस, पूजा यादव आईपीएस और लोकबंधु आईएएस है। गांव के भूपसिंह ने बताया कि स्वराज इंडिया संस्थापक योगेंद्र यादव भी मांदी से संबंध रखते हैं। गांव क्रांति यादव आईआरएस है। इसके अलावा कर्नल, डॉक्टर, इंजीनियर व वकील, पायलट व पत्रकार समेत अन्य भी हैं। उन्होंने बताया कि गांव में शिक्षक भी काफी है। साल 1962 में शहादत देने वाले राव पृथ्वी सिंह गांव के ही थे। कई स्वतंत्रता सेनानी भी गांव के रहे हैं। आजाद हिंद फौज के साथ सिंगापुर से लेकर इटली के जेलों में भी साथ रहने वाले गांव के कई लोग थे।
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गांव में सुविधाएं
गांव में पक्की गलियां, पार्क, आंगनबाड़ी केंद्र, हरिजन चौपाल, बस सुविधा, 12वीं तक स्कूल, मुख्य डाकघर, दो धर्मशाला, पीएससी, पशु अस्पताल, हनुमान मंदिर व सती मंदिर है। गांव में करीब चार मेले लगते हैं। यहां पर एक लाख रुपये की कुश्ती भी होती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी के लिए पब्लिक वाटर टैंक का इंतजाम किया गया है।
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गांव में चारों तरफ विकास हुआ है। घर-घर पीने का पानी पहुंचाना सबसे बड़ी उपलब्धि है। गांव में और विकास करवाया जाएगा। गांव की करीब 6000 की आबादी है। गांव में आपसी भाईचारा है। लोग एक दूसरे की मदद को हमेशा तैयार रहते है। गांव के लोग कोरोना में सरकार के नियम को फोलो कर रहे हैं।
- प्रवंती यादव, सरपंच
गांव मांदी का इतिहास पुराना रहा है। गांव में दो आईपीएस और एक आईएएस हैं। युवा वर्ग पढ़ाई की बदौलत सरकारी नौकरी में लग रह हैं। गांव में हर सुविधा उपलब्ध है। पीने का पानी हर घर में पहुंच रहा है।
- मयंक यादव
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गांव मांदी की भांजी रहीं केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का भी गांव के प्रति काफी लगाव रहा है। उनके कार्यकाल में गांव में काफी विकास हुआ है। सरकारी ग्रांट की गांव को खूब मिली थी। जिसके कारण गांव का विकास हुआ है।
- राव रणवीर यादव, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी नारनौल