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महेंद्रगढ़-नारनौल: जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक
Fri, 10 Feb 2023 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 10 Feb 2023 11:30 PM IST
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राजकीय महाविद्यालय कनीना में शपथ लेते विद्यार्थी। संवाद
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कनीना। राजकीय महाविद्यालय कनीना में अटल भूजल योजना के तहत विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक संदीप कुमार ककरालिया विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग के माध्यम से किया गया।
डॉ. मुकीम अहमद ने जल के संरक्षण और भूमि पर लगातार जमीनी जल की उपलब्धता के विषय में विचार अभिव्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 55 लीटर जल प्रति व्यक्ति मुख्य रूप से पानी प्रयोग करता है और 120 प्रति लीटर जल एक जानवर प्रतिदिन प्रयोग करता है। इसके साथ में उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार टीडीएस 500 होना चाहिए तथा भारत के लिए यह टीडीएस 300 निर्धारित किया गया है।
डॉ. तरुण यादव कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि हमें अपने खेतों में उस प्रकार की फसलों का प्रयोग करना चाहिए जो कम से कम जल को ग्रहण करती हो। सरकार भी इसके लिए उपयुक्त रूप पर समय-समय पर योजनाएं चलाती रहती है हमें उनका लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश सिमर ने कहा कि जल है तो कल है तथा जल के बिना यह पृथ्वी निष्फल है इस वाक्य के साथ में उन्होंने सभी उपस्थित प्राध्यापकों विशिष्ट मेहमानों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया। कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव ने भी जल के संरक्षण के उपयोग के लिए विभिन्न प्रकार के उपायों का वर्णन किया। कार्यक्रम में डॉ. कांता, डॉ. मंजू, डॉ. मनीषा, डॉ. केपी, डॉ. बलराज, डॉ. यतेंद्र सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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डॉ. मुकीम अहमद ने जल के संरक्षण और भूमि पर लगातार जमीनी जल की उपलब्धता के विषय में विचार अभिव्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 55 लीटर जल प्रति व्यक्ति मुख्य रूप से पानी प्रयोग करता है और 120 प्रति लीटर जल एक जानवर प्रतिदिन प्रयोग करता है। इसके साथ में उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार टीडीएस 500 होना चाहिए तथा भारत के लिए यह टीडीएस 300 निर्धारित किया गया है।
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डॉ. तरुण यादव कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि हमें अपने खेतों में उस प्रकार की फसलों का प्रयोग करना चाहिए जो कम से कम जल को ग्रहण करती हो। सरकार भी इसके लिए उपयुक्त रूप पर समय-समय पर योजनाएं चलाती रहती है हमें उनका लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश सिमर ने कहा कि जल है तो कल है तथा जल के बिना यह पृथ्वी निष्फल है इस वाक्य के साथ में उन्होंने सभी उपस्थित प्राध्यापकों विशिष्ट मेहमानों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया। कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव ने भी जल के संरक्षण के उपयोग के लिए विभिन्न प्रकार के उपायों का वर्णन किया। कार्यक्रम में डॉ. कांता, डॉ. मंजू, डॉ. मनीषा, डॉ. केपी, डॉ. बलराज, डॉ. यतेंद्र सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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