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Mahendragarh-Narnaul News: रिटायर्ड शिक्षकों के सहारे कोटिया का राजकीय स्कूल, ग्रामीणों ने गेट पर दिया धरना
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फोटो संख्या:62 गांव कोटिया के राजकीय स्कूल के गेट पर नारेबाजी करते अभिभावक। संवाद
कनीना। गांव कोटिया स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति न होने पर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूटा। ग्रामीणों ने सुबह ही गेट पर दो घंटे तक धरना दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। विभाग को जल्द शिक्षकों की नियुक्ति न करने पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
गांव कोटिया के राजकीय स्कूल में अक्टूबर 2025 से एक भी शिक्षक नहीं है। रिटायर्ड शिक्षकों के सहारे ही स्कूल की शिक्षण व्यवस्था चल रही है। अब नया सत्र भी अगले माह से शुरू हो रहा है लेकिन अभी तक एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। गांव के रिटायर्ड शिक्षक ही स्वयंसेवक के तौर पर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।
स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक की कक्षाएं लग रही हैं और इसमें करीबन 250 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रही हैं। स्कूल में आठ शिक्षकों के पद हैं और सभी खाली पड़े हैं। साथ ही विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही सरकार के शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावे के की पोल खोली और गांव के स्कूल की व्यवस्था के बारे में बताया।
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एसएमसी सदस्य देशराज यादव ने बताया कि अध्यापकों की कमी को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद विभाग और सरकार इस समस्या के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अब ग्रामीणों ने जल्द ही विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने पर अनिश्तिकालीन धरना और आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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गांव कोटिया के राजकीय स्कूल में अक्टूबर 2025 से एक भी शिक्षक नहीं है। रिटायर्ड शिक्षकों के सहारे ही स्कूल की शिक्षण व्यवस्था चल रही है। अब नया सत्र भी अगले माह से शुरू हो रहा है लेकिन अभी तक एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। गांव के रिटायर्ड शिक्षक ही स्वयंसेवक के तौर पर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।
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स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक की कक्षाएं लग रही हैं और इसमें करीबन 250 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रही हैं। स्कूल में आठ शिक्षकों के पद हैं और सभी खाली पड़े हैं। साथ ही विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही सरकार के शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावे के की पोल खोली और गांव के स्कूल की व्यवस्था के बारे में बताया।
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एसएमसी सदस्य देशराज यादव ने बताया कि अध्यापकों की कमी को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद विभाग और सरकार इस समस्या के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अब ग्रामीणों ने जल्द ही विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने पर अनिश्तिकालीन धरना और आंदोलन करने की चेतावनी दी है।