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Mahendragarh-Narnaul News: कथाव्यास ने नरसी, भगवान श्रीकृष्ण के संवाद प्रस्तुत किए
Sat, 21 Jun 2025 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 21 Jun 2025 11:45 PM IST
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फोटो संख्या:73- कनीना में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा में प्रवचन सुनती महिलाएं--स्रोत- आयोजक
कनीना। कनीना मंडी में श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में चल रही चार दिवसीय नानी बाई रो मायरो कथा के तीसरे दिन कथाव्यास आचार्य प्रवेश रसिक ने नरसी एवं भगवान श्रीकृष्ण के बीच हुए अनेक रोचक संवाद प्रस्तुत किए। श्रद्धालुओं ने भरपूर आनंद उठाया।
आचार्य प्रवेश रसिक ने बताया कि जब जब भक्त किसी पीड़ा में होते है तो भगवान स्वयं अवश्य आते हैं। कलियुग में कृष्ण भक्ति का अपना विशेष स्थान है। कथा में सनातनी संस्कृति, कन्या भ्रूण हत्या व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर भी विशेष व्याख्यान दिए गए। कथा व्यास ने बताया कि किस प्रकार नरसी मेहता को नगर अंजारे में उनकी बेटी के ससुराल में होने वाले विवाहोत्सव संबंधी निमंत्रण मिलता है और वे चंद नेत्रहीन साधु संतों के साथ अपने कमंडलों व संगीत वाद्ययंत्रों के साथ टूटी हुई बैलगाड़ी में उत्सव में शामिल होने निकल पड़ते हैं। मगर उनकी टूटी बैलगाड़ी की हालत नरसी की परेशानियां बढ़ा देती हैं।
भगवान कृष्ण स्वयं एक खाती का रूप धरकर और देव विश्वकर्मा के औजारों की सहायता से उनके पास पहुंचते हैं और उनकी गाड़ी को ठीक करके शीघ्रातिशीघ्र उन्हें अंजार नगर पहुंचाते हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रवक्ता सचिन कुमार ने किया। कथा का समापन 22 जून को भंडारे व जागरण के साथ होगा। इस अवसर पर श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, प्रधान निरंजन मित्तल, विनोद मित्तल, रवींद्र बंसल, संजय गर्ग, पूर्व पार्षद रोशन लाल गोयल, विजेंद्र, मुकेश सिंगला सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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आचार्य प्रवेश रसिक ने बताया कि जब जब भक्त किसी पीड़ा में होते है तो भगवान स्वयं अवश्य आते हैं। कलियुग में कृष्ण भक्ति का अपना विशेष स्थान है। कथा में सनातनी संस्कृति, कन्या भ्रूण हत्या व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर भी विशेष व्याख्यान दिए गए। कथा व्यास ने बताया कि किस प्रकार नरसी मेहता को नगर अंजारे में उनकी बेटी के ससुराल में होने वाले विवाहोत्सव संबंधी निमंत्रण मिलता है और वे चंद नेत्रहीन साधु संतों के साथ अपने कमंडलों व संगीत वाद्ययंत्रों के साथ टूटी हुई बैलगाड़ी में उत्सव में शामिल होने निकल पड़ते हैं। मगर उनकी टूटी बैलगाड़ी की हालत नरसी की परेशानियां बढ़ा देती हैं।
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भगवान कृष्ण स्वयं एक खाती का रूप धरकर और देव विश्वकर्मा के औजारों की सहायता से उनके पास पहुंचते हैं और उनकी गाड़ी को ठीक करके शीघ्रातिशीघ्र उन्हें अंजार नगर पहुंचाते हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रवक्ता सचिन कुमार ने किया। कथा का समापन 22 जून को भंडारे व जागरण के साथ होगा। इस अवसर पर श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, प्रधान निरंजन मित्तल, विनोद मित्तल, रवींद्र बंसल, संजय गर्ग, पूर्व पार्षद रोशन लाल गोयल, विजेंद्र, मुकेश सिंगला सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

फोटो संख्या:73- कनीना में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा में प्रवचन सुनती महिलाएं--स्रोत- आयोजक
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