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कमांनिया का जवान लेह में बर्फ के नीचे दबने से शहीद
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नांगल चौधरी। 3 इनफेंट्री सिगनल आर्मी में तैनात गांव कमानियां का जवान विपिन (24) लेह में शुक्रवार को बर्फ की स्लाइडिंग की चपेट में आने से वीरगति को प्राप्त हो गया। रविवार को सेना के जवान विपिन का शव गांव लेकर पहुंचे। जहां उसका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के जवान की शहीद होने की खबर सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया। शहीद विपिन अपने पीछे एक साल का बेटा, पत्नी व माता पिता को छोड़ गए हैं।
गांव कमानियां का विपिन यादव अपने पिता व बड़े भाई से प्रेरित होकर करीब चार साल पहले सेना में ड्राइवर के पद पर भर्ती हुआ था। चार माह पहले ही विपिन की पोस्टिंग जयपुर से लेह में हुई थी। सेना के यूनिट अधिकारी जसविंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चालक विपिन शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे ड्यूटी पर तैनात था। वह 5 सैनिकों को लेकर गाड़ी से जा रहा था। रास्ते में ऊपर से बर्फ की स्लाइडिंग होने से गाड़ी नीचे खाई में जा गिरी। गाड़ी के खाई में गिरने से विपिन व उसके साथ बैठे जवान खाई में गिरने से बर्फ के नीचे दब गए। बाद में मशीनों व अन्य उपकरणों की सहायता से गाड़ी व सभी जवानों को ऊपर लाया गया व अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में विपिन सहित तीन जवानों की जान नहीं बच सकी जबकि अभी दो का इलाज चल रहा है।
आर्मी हेड क्वार्टर में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शहीद विपिन के शव को दिल्ली पहुंचाया गया। दिल्ली से शव शनिवार शाम को नांगल चौधरी पहुंचा, जहां से रविवार सुबह गांव कमानियां में शहीद का पार्थिव शरीर लाया गया।
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पिता व बड़ा भाई भी आर्मी में
विपिन के पिता कृष्ण व बड़ा भाई राहुल भी फौज में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। पिता कृष्ण कुमार सूबेदार के पद पर श्रीनगर में ड्यूटी दे रहे हैं व बड़ा भाई राहुल यादव आसाम में ड्यूटी दे रहे हैं। इनसे ही प्रेरित होकर विपिन देश सेवा का जज्बा लेकर फौज में भर्ती हुए थे। 4 साल के सेवा में देश के लिए अपना बलिदान देकर लोगों के दिलों में अमर हो गए। वहीं उनका एक साल का बेटा हैं। उनके अंतिम संस्कार में राज्यमंत्री ओमप्रकाश के एडीओ, विधायक अभय सिंह यादव, नांगल चौधरी के तहसीलदार रोहित कौशिक, थाना प्रभारी मेहर सिंह, एसआई विरेंद्र सिंह व भाजपा कार्यकारिणी के किसान मोर्चा के सदस्य सुंदर चौधरी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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गांव कमानियां का विपिन यादव अपने पिता व बड़े भाई से प्रेरित होकर करीब चार साल पहले सेना में ड्राइवर के पद पर भर्ती हुआ था। चार माह पहले ही विपिन की पोस्टिंग जयपुर से लेह में हुई थी। सेना के यूनिट अधिकारी जसविंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चालक विपिन शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे ड्यूटी पर तैनात था। वह 5 सैनिकों को लेकर गाड़ी से जा रहा था। रास्ते में ऊपर से बर्फ की स्लाइडिंग होने से गाड़ी नीचे खाई में जा गिरी। गाड़ी के खाई में गिरने से विपिन व उसके साथ बैठे जवान खाई में गिरने से बर्फ के नीचे दब गए। बाद में मशीनों व अन्य उपकरणों की सहायता से गाड़ी व सभी जवानों को ऊपर लाया गया व अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में विपिन सहित तीन जवानों की जान नहीं बच सकी जबकि अभी दो का इलाज चल रहा है।
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आर्मी हेड क्वार्टर में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शहीद विपिन के शव को दिल्ली पहुंचाया गया। दिल्ली से शव शनिवार शाम को नांगल चौधरी पहुंचा, जहां से रविवार सुबह गांव कमानियां में शहीद का पार्थिव शरीर लाया गया।
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पिता व बड़ा भाई भी आर्मी में
विपिन के पिता कृष्ण व बड़ा भाई राहुल भी फौज में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। पिता कृष्ण कुमार सूबेदार के पद पर श्रीनगर में ड्यूटी दे रहे हैं व बड़ा भाई राहुल यादव आसाम में ड्यूटी दे रहे हैं। इनसे ही प्रेरित होकर विपिन देश सेवा का जज्बा लेकर फौज में भर्ती हुए थे। 4 साल के सेवा में देश के लिए अपना बलिदान देकर लोगों के दिलों में अमर हो गए। वहीं उनका एक साल का बेटा हैं। उनके अंतिम संस्कार में राज्यमंत्री ओमप्रकाश के एडीओ, विधायक अभय सिंह यादव, नांगल चौधरी के तहसीलदार रोहित कौशिक, थाना प्रभारी मेहर सिंह, एसआई विरेंद्र सिंह व भाजपा कार्यकारिणी के किसान मोर्चा के सदस्य सुंदर चौधरी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।