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Mahendragarh-Narnaul News: जलघर के टैंकों को भरने में लगेगा दस दिन, राशनिंग से होगी जलापूर्ति
Wed, 07 May 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 07 May 2025 12:04 AM IST
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फोटो संख्या:-57 गांव झूक से गुजरती नहर में छोड़ा गया पानी--संवाद
महेंद्रगढ़। एक सप्ताह से कभी गुणवत्ता खराब तो कभी जेएलएन नहर में पानी बंद होने से जिले में पेयजल संकट गहरा रहा है, लेकिन मंगलवार सुबह आठ बजे महेंद्रगढ़ जिले में नहर से 650 क्यूसेक पानी लोगों के लिए राहत लेकर आया है। हालांकि में अभी इस सप्ताह पानी की आपूर्ति राशनिंग के आधार पर ही रहेगी।
शहर की 80 हजार की आबादी की प्यास बुझाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के पास गांव देवास में 24 करोड़ लीटर क्षमता के जलघर में चार टैंक हैं। वहीं नहरी विभाग की ओर से 650 क्यूसेक पानी मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के टैंकाें से जुड़ी नहरों में भी पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। बता दें कि रविवार शाम को 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो सोमवार सुबह बंद हो गया था। कम आपूर्ति होने के कारण जलघरों तक नहीं पहुंच पाया था, लेकिन मंगलवार सुबह के समय 650 क्यूसेक पानी शुरू हो गया।
नहर और सिंचाई विभाग की ओर से पेयजल के जलघरों से जुड़ी छोटी नहरों में सुबह नौ बजे से ही पानी की आपूर्ति शुरू कर दी। हालांकि नहरों की क्षमता से आधी आपूर्ति शुरू हो पाई है। गांव देवास स्थित जल परियोजना के 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के टैंकों को भरना शुरू कर दिया है। पहले चरण में टैंक नंबर एक व दो में पानी भरा जा रहा है। इसका स्तर भी अभी महज आठ फिट तक ही पहुंच पाया है। चारों टैंकों को भरने के लिए दस दिन लगातार जेएलएन नहर में पानी आपूर्ति की आवश्यकता है। यदि जेएलएन नहर में आपूर्ति फिर से बंद हो जाती है तो शहर में नियमित आपूर्ति नहीं हो पाएगी। जिले की 65 छोटी बड़ी नहरों के माध्यम से 37 बड़े जलघरों से जुड़ी नहरों में पानी छोड़ा गया है।
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इंसेट
- विभाग ने लिया निर्णय- नियमित आपूर्ति होने तक होगी राशनिंग
जल संकट को ध्यान में रखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में अभी राशनिंग के आधार पर ही आपूर्ति का निर्णय लिया गया है। भांखड़ा नहर को लेकर पंजाब के साथ चल रहे विवाद का असर महेंद्रगढ़ जिले पर भी पड़ रहा है। लगातार जेएलएन के पानी में कटौती की जा रही है। पिछले एक सप्ताह से जेएलएन नहर में महज एक ही दिन पानी चल पाया था। एक से तीन अप्रैल तक मिले 250 क्यूसेक पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने के कारण इसे जलघरों में नहीं पहुंचाया। वहीं रविवार को शाम तीन बजे नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो शाम को ही बंद हो गया। अब मंगलवार सुबह 650 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि नहर में पानी की आपूर्ति कब तक होगी, इसको लेकर जिम्मेदार भी असमंजस में हैं।
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- वर्जन:
जब तक जेएलएन नहर में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होती है तब तक शहर में राशनिंग के आधार पर ही पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस समय देवास जलघर के चार टैंकों में से महज दो में ही आठ से नौ फिट तक पानी है। जेएलएन नहर में लगातार दस दिन पानी मिलने पर ही टैंकों को पूरी तरह से भरा जा सकता है। पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए एक निगरानी टीम भी बनाई गई है जो आपूर्ति के समय शहर में जांच करेगी। - जियाराम, उपमंडल अधिकारी, जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।
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शहर की 80 हजार की आबादी की प्यास बुझाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के पास गांव देवास में 24 करोड़ लीटर क्षमता के जलघर में चार टैंक हैं। वहीं नहरी विभाग की ओर से 650 क्यूसेक पानी मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के टैंकाें से जुड़ी नहरों में भी पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। बता दें कि रविवार शाम को 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो सोमवार सुबह बंद हो गया था। कम आपूर्ति होने के कारण जलघरों तक नहीं पहुंच पाया था, लेकिन मंगलवार सुबह के समय 650 क्यूसेक पानी शुरू हो गया।
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नहर और सिंचाई विभाग की ओर से पेयजल के जलघरों से जुड़ी छोटी नहरों में सुबह नौ बजे से ही पानी की आपूर्ति शुरू कर दी। हालांकि नहरों की क्षमता से आधी आपूर्ति शुरू हो पाई है। गांव देवास स्थित जल परियोजना के 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के टैंकों को भरना शुरू कर दिया है। पहले चरण में टैंक नंबर एक व दो में पानी भरा जा रहा है। इसका स्तर भी अभी महज आठ फिट तक ही पहुंच पाया है। चारों टैंकों को भरने के लिए दस दिन लगातार जेएलएन नहर में पानी आपूर्ति की आवश्यकता है। यदि जेएलएन नहर में आपूर्ति फिर से बंद हो जाती है तो शहर में नियमित आपूर्ति नहीं हो पाएगी। जिले की 65 छोटी बड़ी नहरों के माध्यम से 37 बड़े जलघरों से जुड़ी नहरों में पानी छोड़ा गया है।
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- विभाग ने लिया निर्णय- नियमित आपूर्ति होने तक होगी राशनिंग
जल संकट को ध्यान में रखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में अभी राशनिंग के आधार पर ही आपूर्ति का निर्णय लिया गया है। भांखड़ा नहर को लेकर पंजाब के साथ चल रहे विवाद का असर महेंद्रगढ़ जिले पर भी पड़ रहा है। लगातार जेएलएन के पानी में कटौती की जा रही है। पिछले एक सप्ताह से जेएलएन नहर में महज एक ही दिन पानी चल पाया था। एक से तीन अप्रैल तक मिले 250 क्यूसेक पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने के कारण इसे जलघरों में नहीं पहुंचाया। वहीं रविवार को शाम तीन बजे नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो शाम को ही बंद हो गया। अब मंगलवार सुबह 650 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि नहर में पानी की आपूर्ति कब तक होगी, इसको लेकर जिम्मेदार भी असमंजस में हैं।
- वर्जन:
जब तक जेएलएन नहर में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होती है तब तक शहर में राशनिंग के आधार पर ही पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस समय देवास जलघर के चार टैंकों में से महज दो में ही आठ से नौ फिट तक पानी है। जेएलएन नहर में लगातार दस दिन पानी मिलने पर ही टैंकों को पूरी तरह से भरा जा सकता है। पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए एक निगरानी टीम भी बनाई गई है जो आपूर्ति के समय शहर में जांच करेगी। - जियाराम, उपमंडल अधिकारी, जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:-57 गांव झूक से गुजरती नहर में छोड़ा गया पानी--संवाद