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सीएए को धर्म की दृष्टिकोण से देखना न्यायसंगत नहीं - संजय

Wed, 29 Jan 2020 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 12:39 AM IST
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it is wrong to see cea religion
भारत विकास परिषद शाखा द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में मंगलवार को विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस गोष्ठी में अनेक लोग उपस्थित थे। सहयोगी संस्था के रूप में स्वदेशी जागरण मंच ने योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अधिनियम दूसरे देशों से उत्पीड़न सहकर आए परिवारों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है। यह किसी की नागरिकता नहीं छीन रहा है। इसके उपरांत नागरिकता संशोधन कानून पर विभिन्न वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
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सचिव मुकेश शर्मा ने कहा कि यह कानून भारतीय संविधान के सभी प्रारूपों के अनुसार होने के साथ जनभावना के अनुरूप भी है। मगर कुछ राजनीतिक पार्टियां व संस्थाएं इन शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का विरोध कर रही हैं। अश्विनी कटारिया ने कहा कि इस अधिनियम के विरोध के लिए लिए लोगों को उकसाया जा रहा है जगह-जगह विरोध प्रदर्शन व हिंसा कराई जा रही है जो गलत है। जिला सचिव संजय शर्मा ने कहा कि सीएए को धर्म के दृष्टिकोण से देखना न्यायसंगत नहीं है। यह भारत की सीमाओं को न केवल सुरक्षित बनाने का गंभीर प्रयास है बल्कि यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिगत बहुत महत्वपूर्ण मायने रखता है। राजेश शास्त्री ने कहा कि सरकार को ऐसे हिंसक प्रदर्शनों पर रोक लगाने के लिए कठोर से कठोर कदम उठाने चाहिए। इस अवसर पर श्याम शुक्ला, हंसराज, ओम प्रकाश अरोड़ा, देवेंद्र सोनी, महेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, सचिव नरोत्तम सोनी, कोषाध्यक्ष कविंद्र सचदेवा, सोम प्रकाश अग्रवाल, राजेश शास्त्री, बजरंग लाल गुप्ता, भीमसेन शर्मा, धीरज भयाना, प्रदीप यादव, गजेंद्र बोहरा, विजय कुमार व दीपक शर्मा आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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