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Mahendragarh-Narnaul News: भावांतर व मार्केट फीस में गड़बड़ी की जांच शुरू
Tue, 28 Oct 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 28 Oct 2025 12:21 AM IST
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फोटो नंबर- 29महाप्रबंधक दफ्तर से बाहर निकलते समय आपस में उलझते कर्मचारी। संवाद
मंडी अटेली। अनाज मंडी में बाजरा खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसी बीच मंडी में हो रही गड़बड़ियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब तक 12457 किसानों ने बाजरा बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है, जबकि 9,957 किसानों के गेट पास कट चुके हैं। भावांतर योजना और मार्केट फीस में हो रही धांधली की शिकायतों के बाद डीएमईओ की फ्लाइंग टीम ने मंडी में जांच शुरू कर दी है।
टीम ने सोमवार को आढ़तियों के स्टॉक की जांच की और रिकार्ड खंगाले। जांच में खुलासा हुआ कि कई आढ़ती किसानों से मिलकर बाहर से आए बाजरे को मंडी में बेचकर सरकारी भावांतर योजना का लाभ उठा रहे हैं। कुछ किसान आढ़तियों से मिलीभगत कर बिना वास्तविक फसल बेचे ही भावांतर लेने की कोशिश कर रहे थे।
इस फर्जीवाड़ा में आढ़ती किसानों के हुए रजिस्ट्रेशन में पूरा बाजरा की खरीद दिखा देते हैं। जबकि किसान के पास उसका आधा बाजरा होता है बाकी बाजरा आढ़ती अपने पास से मिलाता है। बदले में किसान से प्रति क्विंटल लगभग 100 रुपये का भुगतान लेते हैं।
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इस तरह किसान के खाते में पूरी फसल की भावांतर राशि आ जाती है व आढ़ती को प्रति क्विंटल 100 रुपये का मुनाफा हो जाता है। जबकि सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि सरकार ने अब तक किसी किसान को भावांतर नहीं दिया है। जे फार्म कटने के बाद भावांतर मिलना लगभग तय माना जा रहा है जिससे यह काम शुरू से ही मंडी में कुछ लोगों ने शुरू किया हुआ है।
फ्लाइंग टीम ने जांच के दौरान दो आढ़तियों के स्टॉक में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। एक आढ़ती के स्टॉक में 500 क्विंटल और दूसरे के स्टाॅक में 1700 क्विंटल बाजरा की गड़बड़ी मिली है। टीम ने मौके पर ही दोनों पर जुर्माना लगाया और संबंधित रिकार्ड जब्त कर लिया है। फिलहाल मंडी में केवल करीब 2000 किसान ही शेष बचे हैं, जिनकी बाजरा बिक्री प्रक्रिया जारी है।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि जे फार्म जनरेट होने के बाद ही भावांतर राशि जारी की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई से मंडी में हड़कंप मचा हुआ है। आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन की सख्ती से अब धांधली पर रोक लगेगी। डीएमईओ सत्यप्रकाश का कहना है कि मंडी में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
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टीम ने सोमवार को आढ़तियों के स्टॉक की जांच की और रिकार्ड खंगाले। जांच में खुलासा हुआ कि कई आढ़ती किसानों से मिलकर बाहर से आए बाजरे को मंडी में बेचकर सरकारी भावांतर योजना का लाभ उठा रहे हैं। कुछ किसान आढ़तियों से मिलीभगत कर बिना वास्तविक फसल बेचे ही भावांतर लेने की कोशिश कर रहे थे।
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इस फर्जीवाड़ा में आढ़ती किसानों के हुए रजिस्ट्रेशन में पूरा बाजरा की खरीद दिखा देते हैं। जबकि किसान के पास उसका आधा बाजरा होता है बाकी बाजरा आढ़ती अपने पास से मिलाता है। बदले में किसान से प्रति क्विंटल लगभग 100 रुपये का भुगतान लेते हैं।
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इस तरह किसान के खाते में पूरी फसल की भावांतर राशि आ जाती है व आढ़ती को प्रति क्विंटल 100 रुपये का मुनाफा हो जाता है। जबकि सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि सरकार ने अब तक किसी किसान को भावांतर नहीं दिया है। जे फार्म कटने के बाद भावांतर मिलना लगभग तय माना जा रहा है जिससे यह काम शुरू से ही मंडी में कुछ लोगों ने शुरू किया हुआ है।
फ्लाइंग टीम ने जांच के दौरान दो आढ़तियों के स्टॉक में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। एक आढ़ती के स्टॉक में 500 क्विंटल और दूसरे के स्टाॅक में 1700 क्विंटल बाजरा की गड़बड़ी मिली है। टीम ने मौके पर ही दोनों पर जुर्माना लगाया और संबंधित रिकार्ड जब्त कर लिया है। फिलहाल मंडी में केवल करीब 2000 किसान ही शेष बचे हैं, जिनकी बाजरा बिक्री प्रक्रिया जारी है।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि जे फार्म जनरेट होने के बाद ही भावांतर राशि जारी की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई से मंडी में हड़कंप मचा हुआ है। आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन की सख्ती से अब धांधली पर रोक लगेगी। डीएमईओ सत्यप्रकाश का कहना है कि मंडी में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।