{"_id":"66e9d0d896b810a4c50cfca4","slug":"internal-hackathon-conducted-for-smart-india-hackathon-in-hakanvi-narnol-news-c-203-1-sroh1011-112166-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में स्मार्ट इंडिया हेकाथन के लिए इंटरनल हेकाथन कराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि में स्मार्ट इंडिया हेकाथन के लिए इंटरनल हेकाथन कराई
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में मंगलवार को इंटरनल हेकाथन का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने युवाओं को समाज हित में बड़ी सोच के साथ प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि जब तक आपके द्वारा प्रस्तुत समाधान एक बड़े वर्ग को प्रभावित नहीं करेगा तब तक वह एक उत्कृष्ट प्रयास के रूप में स्थापित नहीं होगा।
विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम हेतु विशेषज्ञ के रूप में आईएमएस नोएडा से प्रो. विकास धवन व आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज नई दिल्ली से प्रो. संजय बोहरा उपस्थित रहे। दोनों ने ही विश्वविद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर अपने विचार देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने इस आयोजन हेतु सराहनीय प्रयास किए हैं। इसके पश्चात इंटरप्रिंयोर सेल व कार्यक्रम की संयोजक प्रो. सुनीता तंवर ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, समकुलपति प्रो. सुषमा यादव, इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव व सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन के निदेशक प्रो. आशीष माथुर के प्रति आभार व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय कुलपति ने अपने संबोधन में विशेष रूप से विद्यार्थियों को इस आयोजन की महत्ता से अवगत कराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं और अब समय आ गया है कि विद्यार्थी ऐसी समस्याओं के समाधान की ओर अग्रसर हों, जिनका सीधा सरोकार आम जनमानस से है। कुलपति ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की ओर से इस दिशा में जारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि हम मौजूदा समय में करीब 13 प्रोजेक्ट्स को विकसित करने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन भी विद्यार्थियों के बीच ऐसी ही मनोवृत्ति के विकास एवं उसके पोषण में मददगार होगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि यह आयोजन परीक्षा प्रतियोगिता से इतर एक ऐसा मंच है जो कि बड़े स्तर पर कुछ नया करने का अवसर देता है। इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की 65 फीसदी से अधिक आबादी युवाओं की है, ऐसे में हमारे पास इंटरप्रिंयोरशिप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वातारण है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम हेतु विशेषज्ञ के रूप में आईएमएस नोएडा से प्रो. विकास धवन व आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज नई दिल्ली से प्रो. संजय बोहरा उपस्थित रहे। दोनों ने ही विश्वविद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर अपने विचार देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने इस आयोजन हेतु सराहनीय प्रयास किए हैं। इसके पश्चात इंटरप्रिंयोर सेल व कार्यक्रम की संयोजक प्रो. सुनीता तंवर ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, समकुलपति प्रो. सुषमा यादव, इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव व सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन के निदेशक प्रो. आशीष माथुर के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय कुलपति ने अपने संबोधन में विशेष रूप से विद्यार्थियों को इस आयोजन की महत्ता से अवगत कराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं और अब समय आ गया है कि विद्यार्थी ऐसी समस्याओं के समाधान की ओर अग्रसर हों, जिनका सीधा सरोकार आम जनमानस से है। कुलपति ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की ओर से इस दिशा में जारी प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि हम मौजूदा समय में करीब 13 प्रोजेक्ट्स को विकसित करने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन भी विद्यार्थियों के बीच ऐसी ही मनोवृत्ति के विकास एवं उसके पोषण में मददगार होगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि यह आयोजन परीक्षा प्रतियोगिता से इतर एक ऐसा मंच है जो कि बड़े स्तर पर कुछ नया करने का अवसर देता है। इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की अध्यक्ष प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की 65 फीसदी से अधिक आबादी युवाओं की है, ऐसे में हमारे पास इंटरप्रिंयोरशिप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वातारण है।