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Mahendragarh-Narnaul News: भूकंपीय क्षेत्रों के बारे में आधुनिक संरचनात्मक तकनीकों व सुरक्षा प्रोटोकॉल से कराया अवगत
Tue, 22 Oct 2024 01:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 22 Oct 2024 01:55 AM IST
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फोटो संख्या:64-हकेवि में संरचनात्मक डिजाइन पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञ
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए संरचनात्मक डिजाइन और विश्लेषण पर केंद्रित प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एमटेक और बीटेक के विद्यार्थियों को एसटीएएडी प्रो व एएनएसवाईएस का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य संरचनात्मक डिजाइन और विश्लेषण में विद्यार्थियों की दक्षता को बढ़ाना था। भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में संरचनात्मक स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों के महत्त्व पर जोर दिया। आयोजन में एनआईटी, कुरुक्षेत्र के स्वर्ण पदक विजेता व सीसीईटी चंडीगढ़ में कार्यरत इंजीनियर अनिल धीमान विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
इंजीनियर अनिल धीमान ने भूकंपीय क्षेत्रों के संबंध में आधुनिक संरचनात्मक डिजाइन तकनीकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रतिभागियों को अवगत कराया। हकेंवि के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विकास गर्ग ने सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटने के लिए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को पेशेवर दुनिया में सफलता के लिए आवश्यक उपकरण और ज्ञान उपलब्ध कराना है।
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प्रशिक्षण में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एमटेक और बीटेक के विद्यार्थियों को एसटीएएडी प्रो व एएनएसवाईएस का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य संरचनात्मक डिजाइन और विश्लेषण में विद्यार्थियों की दक्षता को बढ़ाना था। भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में संरचनात्मक स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों के महत्त्व पर जोर दिया। आयोजन में एनआईटी, कुरुक्षेत्र के स्वर्ण पदक विजेता व सीसीईटी चंडीगढ़ में कार्यरत इंजीनियर अनिल धीमान विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।
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इंजीनियर अनिल धीमान ने भूकंपीय क्षेत्रों के संबंध में आधुनिक संरचनात्मक डिजाइन तकनीकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रतिभागियों को अवगत कराया। हकेंवि के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विकास गर्ग ने सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटने के लिए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को पेशेवर दुनिया में सफलता के लिए आवश्यक उपकरण और ज्ञान उपलब्ध कराना है।
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