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भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से प्रगति कर रही : प्रो. मनीष
Thu, 06 Feb 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 06 Feb 2025 11:49 PM IST
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फोटो संख्या:56- राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में मंचासीन कुलपति, मुख्य वक्ता, विशिष्ट अतिथ
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के राजनीति विज्ञान विभाग व विधि विभाग द्वारा हम लोग एट 75 सामाजिक न्याय और वैश्विक शांति की दिशा में विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ वीरवार को हुआ।
भारतीय वैश्विक परिषद द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष मुख्यवक्ता और आईसीडब्ल्यूए के डाॅ. अर्नब चक्रवर्ती विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विवि के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सामाजिक न्याय और वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा करने वाले कारणों और कारकों की पहचान और निवारण पर जोर दिया।
सेमिनार के सहसंयोजक डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह ने आयोजन के उद्देश्यों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। आयोजन के संयोजक डाॅ. राजीव कुमार सिंह ने आयोजन की रूपरेखा प्रतिभागियों से समक्ष प्रस्तुत की। प्रो. पायल कंवर चंदेल ने उद्घाटन भाषण में भारत समावेशी विकास के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रो. मनीष ने कहा कि हम सामाजिक न्याय को वैश्विक न्याय से अलग नहीं कर सकते। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से प्रगति कर रही है। विश्व एक परिवार है और भारत निश्चित रूप से विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। डाॅ. अर्नब चक्रवर्ती ने भारतीय विदेश नीति के विकास को प्रतिभागियों के समक्ष रखा।
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प्रो. पायल चंदेल की अध्यक्षता में सत्र आयोजित किया गया। इग्नू नई दिल्ली से प्रो. सतीश कुमार, जेएनयू, नई दिल्ली से डॉ. अमित सिंह, आईजीएनटीयू अमरकंटक से डॉ. नरेश सोनकर, डीएवी पीजी कॉलेज वाराणसी से डॉ. जियाउद्दीन, एएमयू अलीगढ़ से प्रो. मोहम्मद आफताब आलम, आईजीएनटीयू अमरकंटक से डॉ. अनिल कुमार, जेवियर कॉलेज रांची से डॉ. श्रेया पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
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भारतीय वैश्विक परिषद द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष मुख्यवक्ता और आईसीडब्ल्यूए के डाॅ. अर्नब चक्रवर्ती विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विवि के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सामाजिक न्याय और वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा करने वाले कारणों और कारकों की पहचान और निवारण पर जोर दिया।
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सेमिनार के सहसंयोजक डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह ने आयोजन के उद्देश्यों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। आयोजन के संयोजक डाॅ. राजीव कुमार सिंह ने आयोजन की रूपरेखा प्रतिभागियों से समक्ष प्रस्तुत की। प्रो. पायल कंवर चंदेल ने उद्घाटन भाषण में भारत समावेशी विकास के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रो. मनीष ने कहा कि हम सामाजिक न्याय को वैश्विक न्याय से अलग नहीं कर सकते। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से प्रगति कर रही है। विश्व एक परिवार है और भारत निश्चित रूप से विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। डाॅ. अर्नब चक्रवर्ती ने भारतीय विदेश नीति के विकास को प्रतिभागियों के समक्ष रखा।
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प्रो. पायल चंदेल की अध्यक्षता में सत्र आयोजित किया गया। इग्नू नई दिल्ली से प्रो. सतीश कुमार, जेएनयू, नई दिल्ली से डॉ. अमित सिंह, आईजीएनटीयू अमरकंटक से डॉ. नरेश सोनकर, डीएवी पीजी कॉलेज वाराणसी से डॉ. जियाउद्दीन, एएमयू अलीगढ़ से प्रो. मोहम्मद आफताब आलम, आईजीएनटीयू अमरकंटक से डॉ. अनिल कुमार, जेवियर कॉलेज रांची से डॉ. श्रेया पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।