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Mahendragarh-Narnaul News: 2 साल में चार चरण में लगे मेले में केवल 1261 को मिला ऋण, 2383 आवेदन किए निरस्त
Wed, 13 Sep 2023 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:40 AM IST
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नारनौल। मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना से ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा मिल सके। इस प्रयास में जिला प्रशासन पिछले दो साल से लगा हुआ है, लेकिन बैंकों का रवैया इसमें बिल्कुल विपरीत है। स्वयं रोजगार शुरू करने के लिए लोन के लिए आने वाले आवेदनों को बैंक सिरे से निरस्त कर रहे हैं। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पिछले दो साल से ज्यादा समय में चार चरणों में मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इसमें से आज तक 6435 लोगों ने ऋण के लिए आवेदन किए, लेकिन आज तक केवल 19 प्रतिशत लोगों को ही ऋण मिले हैं, जबकि 35 प्रतिशत लोगों के आवेदनों को निरस्त किया जा चुका है।
इसके अलावा 27 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन पिछले काफी समय से स्वीकृत होने के बावजूद उनको ऋण नहीं दिया गया है। इनमें से भी 591 आवेदक ऐसे हैं, जिनके आवेदन पशुपालन विभाग से संबंधित है और केवल पशुओं के हेल्थ सर्टिफिकेट नहीं मिलने की वजह से अब तक उनको ऋण नहीं मिल सका है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा लगाए गए परिवार उत्थान मेलों का लोगों को कितना फायदा हो रहा है।
100 से ज्यादा ने ऋण लेकर भी नहीं चुकाया
चार चरणों के दौरान 100 से अधिक लोग ऐसे भी सामने आए हैं, जिनको ऋण तो मिल गया, लेकिन उन्होंने चुकाना जरूरी नहीं समझा। किसी ने एक किस्त तो किसी ने कुछ किस्त भरने के बाद ऋण चुकाना ही बंद कर दिया। ऐसे में इन लोगों को डिफाल्टर घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।
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पशु हेल्थ सर्टिफिकेट के कारण अटके 591 ऋण
पशु खरीदने के लिए ऋण बैंक देते हैं। इसके लिए पशु हेल्थ सर्टिफिकेट पशुपालक को देना होता है, लेकिन 591 आवेदक इसी वजह से रुके हुए हैं कि पशुओं का हेल्थ सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सका है। यह सर्टिफिकेट पशुपालन विभाग जारी करता है। बैंक से ऋण लेने से पूर्व पशु की पूरी जांच होती कि वह ठीक है। इसके लिए पशुपालन विभाग की टीम गठित हाेती है, जो सभी आवेदनों की मौके पर जाकर वेरिफिकेशन करती है। उसके बाद ही सर्टिफिकेट जारी होता है।
अधिकतर का सिबिल स्कोर भी खराब
बैंकों की जांच में यह भी सामने आया है कि ऋण लेने वालों का सिबिल स्कोर भी खराब है। सिबिल स्कोर अच्छा होने पर ही बैंक ऋण दे पाता है। कई आवेदकों ने तो कभी ऋण पहले लिया ही नहीं हुआ था।
आवेदन निरस्त होने के यह भी प्रमुख कारण आए सामने
-स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वालों के कराए आवेदन
-सिबिल स्कोर
-रुचि नहीं दिखाई
-जीएसटी नंबर न होने की वजह से छोटे दुकानदारों को नहीं मिल रहा लोन।
-पशुओं की कीमत ज्यादा होना व लोन की राशि कम होना।
मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना पर एक नजर
-चार चरणों में आए आवेदन- 6435
-स्वीकृत हुए- 1852
-निरस्त किए गए-2283
-ऋण मिला- 1261
-पशु हेल्थ सर्टिफिकेट के चलते रुके-591
-रुचि नहीं दिखाई- 555
-बैंक कुटेशन या पशु तय नहीं कर पाए- 260
-ऋण लेने के बाद भी नहीं चुकाया- 100
यह राहत की बात
पिछले वर्ष विभिन्न बैंकों के पास पेंडिंग आवेदनों की संख्या 3159 थी, लेकिन इस माह हुई रिव्यू मीटिंग में सामने आया है कि पेंडिंग आवेदनों की संख्या 2265 हो गई है। ऐसे में 894 केसों का निपटारा किया गया है।
अब आगे क्या
विभिन्न बैंकों को सभी केसों का निपटारा करने के लिए 25 सितंबर तक का समय दिया गया है। 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस है, ऐसे में 25 सितंबर से पहले सभी केसों का निपटारा करने के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के तहत आए आवेदनों का निपटारा कर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बैंकों को 25 सितंबर से पहले सभी केस पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
-विजय सिंह, एलडीएम, पीएनबी, नारनौल।
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इसके अलावा 27 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन पिछले काफी समय से स्वीकृत होने के बावजूद उनको ऋण नहीं दिया गया है। इनमें से भी 591 आवेदक ऐसे हैं, जिनके आवेदन पशुपालन विभाग से संबंधित है और केवल पशुओं के हेल्थ सर्टिफिकेट नहीं मिलने की वजह से अब तक उनको ऋण नहीं मिल सका है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा लगाए गए परिवार उत्थान मेलों का लोगों को कितना फायदा हो रहा है।
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100 से ज्यादा ने ऋण लेकर भी नहीं चुकाया
चार चरणों के दौरान 100 से अधिक लोग ऐसे भी सामने आए हैं, जिनको ऋण तो मिल गया, लेकिन उन्होंने चुकाना जरूरी नहीं समझा। किसी ने एक किस्त तो किसी ने कुछ किस्त भरने के बाद ऋण चुकाना ही बंद कर दिया। ऐसे में इन लोगों को डिफाल्टर घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।
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पशु हेल्थ सर्टिफिकेट के कारण अटके 591 ऋण
पशु खरीदने के लिए ऋण बैंक देते हैं। इसके लिए पशु हेल्थ सर्टिफिकेट पशुपालक को देना होता है, लेकिन 591 आवेदक इसी वजह से रुके हुए हैं कि पशुओं का हेल्थ सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सका है। यह सर्टिफिकेट पशुपालन विभाग जारी करता है। बैंक से ऋण लेने से पूर्व पशु की पूरी जांच होती कि वह ठीक है। इसके लिए पशुपालन विभाग की टीम गठित हाेती है, जो सभी आवेदनों की मौके पर जाकर वेरिफिकेशन करती है। उसके बाद ही सर्टिफिकेट जारी होता है।
अधिकतर का सिबिल स्कोर भी खराब
बैंकों की जांच में यह भी सामने आया है कि ऋण लेने वालों का सिबिल स्कोर भी खराब है। सिबिल स्कोर अच्छा होने पर ही बैंक ऋण दे पाता है। कई आवेदकों ने तो कभी ऋण पहले लिया ही नहीं हुआ था।
आवेदन निरस्त होने के यह भी प्रमुख कारण आए सामने
-स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वालों के कराए आवेदन
-सिबिल स्कोर
-रुचि नहीं दिखाई
-जीएसटी नंबर न होने की वजह से छोटे दुकानदारों को नहीं मिल रहा लोन।
-पशुओं की कीमत ज्यादा होना व लोन की राशि कम होना।
मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना पर एक नजर
-चार चरणों में आए आवेदन- 6435
-स्वीकृत हुए- 1852
-निरस्त किए गए-2283
-ऋण मिला- 1261
-पशु हेल्थ सर्टिफिकेट के चलते रुके-591
-रुचि नहीं दिखाई- 555
-बैंक कुटेशन या पशु तय नहीं कर पाए- 260
-ऋण लेने के बाद भी नहीं चुकाया- 100
यह राहत की बात
पिछले वर्ष विभिन्न बैंकों के पास पेंडिंग आवेदनों की संख्या 3159 थी, लेकिन इस माह हुई रिव्यू मीटिंग में सामने आया है कि पेंडिंग आवेदनों की संख्या 2265 हो गई है। ऐसे में 894 केसों का निपटारा किया गया है।
अब आगे क्या
विभिन्न बैंकों को सभी केसों का निपटारा करने के लिए 25 सितंबर तक का समय दिया गया है। 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस है, ऐसे में 25 सितंबर से पहले सभी केसों का निपटारा करने के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के तहत आए आवेदनों का निपटारा कर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बैंकों को 25 सितंबर से पहले सभी केस पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
-विजय सिंह, एलडीएम, पीएनबी, नारनौल।