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Mahendragarh-Narnaul News: नियमों का उल्लंघन कर अलीजान की बावड़ी के पास बन रहे मकान
Sat, 21 Jun 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 21 Jun 2025 11:42 PM IST
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फोटो नंबर-15नारनौल में ऐतिहासिक स्मारक अलीजान की बावड़ी के साथ बन रहा मकान। संवाद
नारनौल। नियमों की अनदेखी कर लोग संरक्षित किए गए अलीजान की बावड़ी के आसपास बेखौफ मकान बना रहे है, जब कि 2 जून का डीसी ने आदेश जारी कर कहा था कि कोई भी व्यक्ति बावड़ी के आसपास निर्माण नहीं करेगा।
शहर के ऐतिहासिक स्मारकों काे पर्यटन स्थल बनाने के लिए जीर्णोद्धार किया जा रहा है। शहर के कई स्मारकों का तो लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो चुका हैं। अब ऐतिहासिक स्मारक जीर्णोद्धार के बाद मूल स्वरूप में भी लौटने लगे हैं। इन स्मारकों का कार्य पूरा हो जाने के बाद पर्यटक इन्हें देखने के लिए भी आएंगे। इसी तरह शहर के ऐतिहासिक स्मारक अलीजान की बावड़ी का भी जीर्णोद्धार चल रहा है। यह अलीजान की बावड़ी अपना अस्तित्व खोने की कगार पर थी।
इसका पुनर्निर्माण कार्य हो जाने के बाद यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगी है, लेकिन नियमों के विपरीत इस बावड़ी के आसपास बेखौफ मकान बनाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लंबे समय से इस ओर कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण कई मकान इसके आसपास बन भी गए हैं, जबकि विरासत और पर्यटन विभाग ने अधिसूचना जारी कर महेंद्रगढ़ जिले के दो ऐतिहासिक स्मारकों, जिनमें एक नारनौल अलीजान की बावड़ी भी शामिल है, के पुरातात्विक महत्व को देखते हुए निषिद्ध एवं विनियमित क्षेत्र घोषित किया है।
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इस ऐतिहासिक स्थल के 15 मीटर के दायरे में खनन गतिविधियों एवं निर्माण पर प्रतिबंध है। उसके आगे साथ लगते 30 मीटर के दायरे में विनियमित किया गया है, लेकिन इसके बाद भी नियमों की धज्जियां उड़ाकर इसके आसपास निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। इतना ही नहीं लोगों ने अलीजान की बावड़ी की दीवार के साथ ही मकान बना लिए हैं।
इसके आसपास मकानों के निर्माण के साथ प्लाट भी काट दिए हैं। एक समय नदी के चारों तरफ से दिखाई देने वाली अलीजान की वाबड़ी आज मकानों के बीच गिरती जा रही। प्रशासन कोई कार्रवाई अमल में नहीं ला रहा है। लोगों का कहना है कि अलीजान की बावड़ी की सुंदरता और संरक्षण के लिए नदी की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों पर भी प्रशासन को जांच कर कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।
इंसेट
अधिनियम, 1965 की धारा 29 के तहत लिया गया निर्णय-
राज्यपाल की मंजूरी से हरियाणा के प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1965 की धारा 29 के तहत लिए गए निर्णय में राज्य के विभिन्न जिलों में 14 ऐतिहासिक स्मारकों व स्थलों के आसपास के क्षेत्रों को उनके पुरातात्विक महत्व को देखते हुए निषिद्ध एवं विनियमित क्षेत्र घोषित किया गया है। इसमें जिले के दो ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं। इनमें महेंद्रगढ़ में इस्लामपुर किला व नारनौल अलीजान की बावड़ी को शामिल किया गया हैं।
वर्जन-
राज्य सरकार ने यह निर्णय हरियाणा के राज्यपाल की मंजूरी से लिया है। जिला प्रशासन ऐतिहासिक स्मारक के पास नियमों का पालन करने के आदेश जारी किए गए थे। यदि नियमों का उल्लंघन कर कार्य हो रहा है तो जांच करवा कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-डॉ. विवेक भारती। जिला उपायुक्त
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शहर के ऐतिहासिक स्मारकों काे पर्यटन स्थल बनाने के लिए जीर्णोद्धार किया जा रहा है। शहर के कई स्मारकों का तो लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो चुका हैं। अब ऐतिहासिक स्मारक जीर्णोद्धार के बाद मूल स्वरूप में भी लौटने लगे हैं। इन स्मारकों का कार्य पूरा हो जाने के बाद पर्यटक इन्हें देखने के लिए भी आएंगे। इसी तरह शहर के ऐतिहासिक स्मारक अलीजान की बावड़ी का भी जीर्णोद्धार चल रहा है। यह अलीजान की बावड़ी अपना अस्तित्व खोने की कगार पर थी।
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इसका पुनर्निर्माण कार्य हो जाने के बाद यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगी है, लेकिन नियमों के विपरीत इस बावड़ी के आसपास बेखौफ मकान बनाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लंबे समय से इस ओर कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण कई मकान इसके आसपास बन भी गए हैं, जबकि विरासत और पर्यटन विभाग ने अधिसूचना जारी कर महेंद्रगढ़ जिले के दो ऐतिहासिक स्मारकों, जिनमें एक नारनौल अलीजान की बावड़ी भी शामिल है, के पुरातात्विक महत्व को देखते हुए निषिद्ध एवं विनियमित क्षेत्र घोषित किया है।
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इस ऐतिहासिक स्थल के 15 मीटर के दायरे में खनन गतिविधियों एवं निर्माण पर प्रतिबंध है। उसके आगे साथ लगते 30 मीटर के दायरे में विनियमित किया गया है, लेकिन इसके बाद भी नियमों की धज्जियां उड़ाकर इसके आसपास निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। इतना ही नहीं लोगों ने अलीजान की बावड़ी की दीवार के साथ ही मकान बना लिए हैं।
इसके आसपास मकानों के निर्माण के साथ प्लाट भी काट दिए हैं। एक समय नदी के चारों तरफ से दिखाई देने वाली अलीजान की वाबड़ी आज मकानों के बीच गिरती जा रही। प्रशासन कोई कार्रवाई अमल में नहीं ला रहा है। लोगों का कहना है कि अलीजान की बावड़ी की सुंदरता और संरक्षण के लिए नदी की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों पर भी प्रशासन को जांच कर कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।
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अधिनियम, 1965 की धारा 29 के तहत लिया गया निर्णय-
राज्यपाल की मंजूरी से हरियाणा के प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1965 की धारा 29 के तहत लिए गए निर्णय में राज्य के विभिन्न जिलों में 14 ऐतिहासिक स्मारकों व स्थलों के आसपास के क्षेत्रों को उनके पुरातात्विक महत्व को देखते हुए निषिद्ध एवं विनियमित क्षेत्र घोषित किया गया है। इसमें जिले के दो ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं। इनमें महेंद्रगढ़ में इस्लामपुर किला व नारनौल अलीजान की बावड़ी को शामिल किया गया हैं।
वर्जन-
राज्य सरकार ने यह निर्णय हरियाणा के राज्यपाल की मंजूरी से लिया है। जिला प्रशासन ऐतिहासिक स्मारक के पास नियमों का पालन करने के आदेश जारी किए गए थे। यदि नियमों का उल्लंघन कर कार्य हो रहा है तो जांच करवा कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-डॉ. विवेक भारती। जिला उपायुक्त