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Mahendragarh-Narnaul News: हिमांशु का राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए चयन
Fri, 01 Aug 2025 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:58 PM IST
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कनीना। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना के छात्र हिमांशु का राज्यस्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। हिमांशु का यह मॉडल मोबाइल का उपयोग करते समय होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं जैसे आंखों में तनाव, गर्दन और हाथ में दर्द से बचाव करता है।
इस डिवाइस में लगा एंगल सेंसर, सर्वो मोटर और बजर मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाते हैं, जो मोबाइल को गलत कोण पर पकड़ने या बहुत पास लाने पर अलर्ट देता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, विद्यार्थियों और वयस्कों को सही पोश्चर बनाए रखने में मदद करना है।
हिमांशु द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट लगभग 450 रुपये में तैयार किया गया है, जो इसे एक सुलभ और उपयोगी समाधान बनाता है। बच्चे ने अपने इस मॉडल में पुराना मोबाइल कवर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियां, सेंसर, वायरिंग आदि का कुशल उपयोग किया है। सबसे खास बात यह है कि हिमांशु ने यह मॉडल स्वयं तैयार किया और इसे जिला स्तर पर प्रस्तुत कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुआ।
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इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने हिमांशु को बधाई देते हुए कहा कि हमारे विद्यालय के छात्र का राज्य स्तर पर चयन होना विद्यालय और क्षेत्र दोनों के लिए गौरव की बात है। हिमांशु जैसे होनहार छात्र हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं। विद्यालय सदैव ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करता रहेगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी विद्यालय की छात्रा हिमांशी ने इंस्पायर अवार्ड मानक के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया था। इस उपलब्धि में विद्यालय के रसायन विज्ञान प्रवक्ता नितिन मुद्गिल का विशेष मार्गदर्शन और योगदान रहा। उन्होंने न केवल तकनीकी सहायता प्रदान की बल्कि छात्र को इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर कार्य प्रणाली, और व्यवहारिक सोच के लिए निरंतर प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अगर विद्यार्थियों को सही दिशा और थोड़ा सहयोग मिले, तो वे बड़ी से बड़ी खोज कर सकते हैं।
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इस डिवाइस में लगा एंगल सेंसर, सर्वो मोटर और बजर मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाते हैं, जो मोबाइल को गलत कोण पर पकड़ने या बहुत पास लाने पर अलर्ट देता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, विद्यार्थियों और वयस्कों को सही पोश्चर बनाए रखने में मदद करना है।
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हिमांशु द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट लगभग 450 रुपये में तैयार किया गया है, जो इसे एक सुलभ और उपयोगी समाधान बनाता है। बच्चे ने अपने इस मॉडल में पुराना मोबाइल कवर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियां, सेंसर, वायरिंग आदि का कुशल उपयोग किया है। सबसे खास बात यह है कि हिमांशु ने यह मॉडल स्वयं तैयार किया और इसे जिला स्तर पर प्रस्तुत कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुआ।
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इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने हिमांशु को बधाई देते हुए कहा कि हमारे विद्यालय के छात्र का राज्य स्तर पर चयन होना विद्यालय और क्षेत्र दोनों के लिए गौरव की बात है। हिमांशु जैसे होनहार छात्र हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं। विद्यालय सदैव ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करता रहेगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी विद्यालय की छात्रा हिमांशी ने इंस्पायर अवार्ड मानक के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया था। इस उपलब्धि में विद्यालय के रसायन विज्ञान प्रवक्ता नितिन मुद्गिल का विशेष मार्गदर्शन और योगदान रहा। उन्होंने न केवल तकनीकी सहायता प्रदान की बल्कि छात्र को इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर कार्य प्रणाली, और व्यवहारिक सोच के लिए निरंतर प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अगर विद्यार्थियों को सही दिशा और थोड़ा सहयोग मिले, तो वे बड़ी से बड़ी खोज कर सकते हैं।