फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Healthy 'Smart Foods' to be Developed from Pearl Millet and Sorghum; HAU to Conduct Research

Mahendragarh-Narnaul News: बाजरा-ज्वार से बनेंगे हेल्दी स्मार्ट फूड, हकेंवि करेगा शोध

Wed, 20 May 2026 11:25 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
Healthy 'Smart Foods' to be Developed from Pearl Millet and Sorghum; HAU to Conduct Research
फोटो संख्या:60- शोध अनुदान प्राप्त होने के बाद कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के साथ डॉ. सविता बुध
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में अब बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मिलेट्स से पौष्टिक और नए खाद्य उत्पाद बनाने पर शोध किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विज्ञान एवं धरोहर अनुसंधान पहल (एसएचआरआई) के तहत 2.45 करोड़ रुपये की सहायता दी है।
विज्ञापन

डॉ. सविता बुधवार के नेतृत्व में हकेंवि की टीम आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों, पोषण संवर्धन, मूल्य संवर्धन व मिलेट्स आधारित उपयोगी प्रोटीन उत्पादों के विकास पर शोध कार्य करेगी। यह परियोजना पोषण सुरक्षा, मिलेट्स के उपभोग को बढ़ावा देने, खाद्य नवाचार व उद्यमिता विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस प्रकार की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शोध परियोजना प्राप्त होना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं शोध क्षमता का प्रमाण है। यह परियोजना पोषण एवं मिलेट्स आधारित खाद्य नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के नवाचारी, बहुविषयक व सामाजिक सरोकारों से जुड़े शोध कार्यों को नई मजबूती प्रदान करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान व विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने भी डॉ. सविता बुधवार व उनकी शोध टीम को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।
इन संस्थाओं का रहेगा सहयोग
इस प्रतिष्ठित बहु-संस्थागत परियोजना में डॉ. सविता बुधवार हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य अन्वेषक की भूमिका निभाएंगी। परियोजना में भारतीय श्रीअन्न अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की प्रयोगशालाएं, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान, वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थान व गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय संस्थान सहभागी हैं।

दो साल में पूरा होगा शोध
डॉ. सविता बुधवार ने बताया कि यह शोध दो साल के लिए स्वीकृत की गई है। इसका उद्देश्य आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से मिलेट्स आधारित विशेष खाद्य सामग्रियों एवं स्मार्ट प्रोटीन उत्पादों का विकास करना है। यह परियोजना भारत सरकार की श्रीअन्न पहल में विशेष सहयोग करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed