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Agriculture: आधा एकड़ में घीया की खेती कर हजारी लाल ने कमाए डेढ़ लाख, किसानों को दे रहे बिजाई का प्रशिक्षण

Sun, 07 Aug 2022 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो इंद्रजीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़, कनीना (हरियाणा)
इंद्रजीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़, कनीना (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sun, 07 Aug 2022 11:30 PM IST
सार

किसान हजारी लाल 150 से अधिक किसानों को घीया बिजाई और देखभाल का प्रशिक्षण दे चुके हैं। औसत भाव 35 से 40 रुपये है और एक दिन में छह हजार रुपये की कमाई हो रही है। एक बीज से दूसरे बीज में तकरीबन डेढ़ फुट का अंतर रखा। 

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Hazari Lal made one and a half lakh by cultivating Gheya in half an acre
गांव कोटिया के खेत में घीया दिखाता किसान हजारी लाल---संवाद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के कनीना क्षेत्र के किसान अब परंपरागत खेती के साथ सब्जी उगाकर अच्छा मुनाफा ले रहे हैं जिससे सब्जी का रकबा साल-दर साल बढ़ रहा है। उपमंडल के गांव कोटिया निवासी हजारीलाल ने आधा एकड़ खेत में 15 हजार रुपये की लागत से घीया की खेती तैयार कर 1 लाख 50 हजार रुपये की कमाई की। 
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गोबर की खाद का प्रयोग कर तैयार की गई घीया की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि किसान को इसकी बिक्री के लिए कहीं बाहर भी नहीं जाना पड़ता। हजारीलाल ने बताया कि आधा एकड़ जमीन में अगैती घीया लगाई जिसमें 15 हजार रुपये का खर्चा लगा। सबसे पहले जमीन में गोबर की खाद डालकर गहरी जुताई की। उसके बाद अप्रैल के आखिरी सप्ताह में बिजाई का कार्य शुरू किया गया। बागवानी विभाग से संपर्क करके खेत में 35 बेड बनाकर उन पर 300 ग्राम उत्तम क्वालिटी का बीज लगाया। एक बीज से दूसरे बीज में तकरीबन डेढ़ फुट का अंतर रखा। 
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इस समय प्रतिदिन आधा एकड़ से 150 किलोग्राम घीया का उत्पादन हो रहा है। इसका औसत भाव भी 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम है। किसान प्रतिदिन 6 हजार रुपये की आय ले रहा है। अब तक एक लाख 50 हजार रुपये की आमदनी हो चुकी है। घीया के बाद इसमें मूली या गाजर की बिजाई की जाएगी। 
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इस विधि से करें बिजाई
किसान हजारीलाल ने बताया कि अप्रैल में रोपाई के तुरंत बाद पौधों की हल्की सिंचाई अवश्य करें। रोपण से 6 दिन पहले सिंचाई रोक कर पौधों का कठोरीकरण करना चाहिए। रोपाई के 10-15 दिन बाद हाथ से निराई करके खरपतवार साफ कर देना चाहिए और समय-समय पर निराई गुड़ाई करते रहना चाहिए। पहली गुड़ाई के बाद जड़ों के आस पास हल्की मिट्टी चढ़ानी चाहिए। लाल कीड़ा, फलमक्खी, डाउनी मिल्डयू आदि कीट फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इनको नष्ट करने के लिए इन फसलों में सुबह के समय मैलाथियान का दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बना कर छिड़काव करना चाहिए।

150 किसानों को दे चुके हैं घीया की खेती का प्रशिक्षण
किसान हजारीलाल ने बताया कि क्षेत्र के किसान लगातार घीया की खेती के लिए उनसे प्रशिक्षण लेने आते हैं। अभी तक 150 से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दे चुके हैं जो घीया की खेती से अच्छा मुनाफा ले रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जियों की खेती कर अपनी आय बढ़ा सकें। इसके लिए लगातार उनकी तरफ से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 


मचान विधि से घीया की खेती करने से किसानों को अच्छी आय मिलती है। किसान एकीकृत बागबानी विकास केंद्र सुंदरह से बेल वाली सब्जियों की जानकारी लें सकते हैं। किसान हजारी लाल पांच-छह वर्ष से विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती कर अच्छा मुनाफा ले रहे हैं। -डॉ. अंकुश यादव, एकीकृत बागवानी विकास केंद्र सुंदरह
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