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39 साल बाद गांव बदोपुर रूट पर चली हरियाणा रोडवेज की बस
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बस स्टैंड नारनौल में खड़ीं रोडवेज की बसें। संवाद
- फोटो : Narnol
राजस्थान की सीमा के साथ लगते जिले के अंतिम गांव बदोपुर रूट पर 39 साल बाद नारनौल बस डिपो ने मंगलवार से बस सेवा शुरू कर दी है। बस के चलने पर भांखरी, बदोपुर आदि गांवों में उसका स्वागत किया गया है। इससे ग्रामीण काफी खुश दिखाई दिए। पहले दिन जाते समय 6 तथा बदोपुर से आते समय लगभग 22 यात्रियों ने बस में सफर किया। बस चलने से लगभग 9 गांवों के ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को फायदा होगा। इससे पहले विद्यार्थी मंत्री ओमप्रकाश, विधायक अभय सिंह, उपायुक्त के पास गुहार लगा चुके थे।
बता दें कि गांव बदोपुर नारनौल से 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस रूट पर रघुनाथपुरा, गहली, हमींदपुर, खटौटी, भांखरी, शिमला, जादूपरु, दोचाना तथा बदोपुर स्थित हैं। लोगों का मानना है कि लगभग 1983 या 1984 में इस रूट पर हरियाणा रोडवेज बस पहली बार चली थी, लेकिन कुछ समय के बाद उसे कम यात्रियों के मिलने के कारण बंद कर दिया गया था। इस रूट के ग्रामीणों का नारनौल आवागमन स्वयं के साधनों से या फिर टेंपों से रहता है। टेंपों में सवारी अधिक होने की वजह से यात्रियों को परेशानी होती है। जबकि पेट्रोल एवं डीजल महंगा होने की वजह से स्वयं के साधन से आना-जाना महंगा पड़ता है। अब बस चलने से ग्रामीणों की समस्या का कुछ हद तक समाधान हो गया है।
ऑटो चालकों से परेशान थे ग्रामीण
बता दें कि बदोपुर पर रूट पर हर घंटे एक ऑटो चलता है। पेट्रोल एवं डीजल महंगा होने की वजह से ऑटो चालकों ने किराया दो गुना बढ़ा दिया था। पहले बदोपुर एवं दोचाना के 15 रुपये किराया लगता था। लेकिन अब ऑटो चालक 30 रुपये ले रहे हैं। इतना किराया देने के बाद भी यात्री सुरक्षित नहीं थे। सवारियों को बैठने के लिए जगह नहीं मिलती थी। युवाओं को बाहर लटक कर यात्रा करनी पड़ती थी। खासतौर से तो छात्राओं को परेशानी होती थी। उन्हें भी बैठने की सीट नहीं मिलती थी।
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ग्रीवेंस कमेटी में लगाई थी शिकायत
ऑटो चालकों से परेशान होकर उक्त गांव के विद्यार्थियों ने ग्रीवेंस कमेटी में बस चलाने की शिकायत की थी। बीच में कोरोना की वजह से शिक्षण संस्थान बंद हो गए थे। मंगलवार को नारनौल रोडवेज के जीएम नवीन शर्मा के आदेश पर बस चला दी गई है। यह बस सुबह साढ़े आठ बजे नारनौल से बदोपुर के लिए चलेगी। लगभग 9 बजे बदोपुर पहुंचेगी। उस समय बस नारनौल के लिए रवाना होगी। लगभग साढ़े 9 बजे वापस नारनौल पहुंच जाएगी। रोडवेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर बस में रिवन्यू अच्छा आता रहा तो इसके एक या दो चक्कर बढ़ा दिए जाएंगे। अगर रिवन्यू नहीं मिला तो बस को बंद कर किया जा सता है।
बस नहीं चलने की वजह से इस रूट के ग्रामीण काफी परेशान थे। सबसे अधिक परेशानी तो छात्राओं को होती थी। इतने वर्ष बाद रोडवेज बस सेवा बहाल हुई है। उसके लिए हम रोडवेज डिपो के जीएम नवीन शर्मा का आभार व्यक्त करते हैं। विभाग को आश्वास्त करते हैं कि गांव से रोडवेज विभाग को पर्याप्त रिवन्यू मिलेगा। -रघुबीर भारद्वाज, निवर्तमान सरपंच बदोपुर।
बदोपुर रूट पर विभाग की ओर से बस चला दी गई है। यह बस सुबह साढ़े आठ बजे बदोपुर के लिए रवाना होगी और 9 बजे बदोपुर पहुंचेगी। वापस में तुरंत नारनौल के लिए रवाना होगी। इससे लगभग 9 गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। बाल किशन, कार्यवाहक मुख्य निरीक्षक, यातायात शाखा, रोडवेज डिपो।
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बता दें कि गांव बदोपुर नारनौल से 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस रूट पर रघुनाथपुरा, गहली, हमींदपुर, खटौटी, भांखरी, शिमला, जादूपरु, दोचाना तथा बदोपुर स्थित हैं। लोगों का मानना है कि लगभग 1983 या 1984 में इस रूट पर हरियाणा रोडवेज बस पहली बार चली थी, लेकिन कुछ समय के बाद उसे कम यात्रियों के मिलने के कारण बंद कर दिया गया था। इस रूट के ग्रामीणों का नारनौल आवागमन स्वयं के साधनों से या फिर टेंपों से रहता है। टेंपों में सवारी अधिक होने की वजह से यात्रियों को परेशानी होती है। जबकि पेट्रोल एवं डीजल महंगा होने की वजह से स्वयं के साधन से आना-जाना महंगा पड़ता है। अब बस चलने से ग्रामीणों की समस्या का कुछ हद तक समाधान हो गया है।
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ऑटो चालकों से परेशान थे ग्रामीण
बता दें कि बदोपुर पर रूट पर हर घंटे एक ऑटो चलता है। पेट्रोल एवं डीजल महंगा होने की वजह से ऑटो चालकों ने किराया दो गुना बढ़ा दिया था। पहले बदोपुर एवं दोचाना के 15 रुपये किराया लगता था। लेकिन अब ऑटो चालक 30 रुपये ले रहे हैं। इतना किराया देने के बाद भी यात्री सुरक्षित नहीं थे। सवारियों को बैठने के लिए जगह नहीं मिलती थी। युवाओं को बाहर लटक कर यात्रा करनी पड़ती थी। खासतौर से तो छात्राओं को परेशानी होती थी। उन्हें भी बैठने की सीट नहीं मिलती थी।
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ग्रीवेंस कमेटी में लगाई थी शिकायत
ऑटो चालकों से परेशान होकर उक्त गांव के विद्यार्थियों ने ग्रीवेंस कमेटी में बस चलाने की शिकायत की थी। बीच में कोरोना की वजह से शिक्षण संस्थान बंद हो गए थे। मंगलवार को नारनौल रोडवेज के जीएम नवीन शर्मा के आदेश पर बस चला दी गई है। यह बस सुबह साढ़े आठ बजे नारनौल से बदोपुर के लिए चलेगी। लगभग 9 बजे बदोपुर पहुंचेगी। उस समय बस नारनौल के लिए रवाना होगी। लगभग साढ़े 9 बजे वापस नारनौल पहुंच जाएगी। रोडवेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर बस में रिवन्यू अच्छा आता रहा तो इसके एक या दो चक्कर बढ़ा दिए जाएंगे। अगर रिवन्यू नहीं मिला तो बस को बंद कर किया जा सता है।
बस नहीं चलने की वजह से इस रूट के ग्रामीण काफी परेशान थे। सबसे अधिक परेशानी तो छात्राओं को होती थी। इतने वर्ष बाद रोडवेज बस सेवा बहाल हुई है। उसके लिए हम रोडवेज डिपो के जीएम नवीन शर्मा का आभार व्यक्त करते हैं। विभाग को आश्वास्त करते हैं कि गांव से रोडवेज विभाग को पर्याप्त रिवन्यू मिलेगा। -रघुबीर भारद्वाज, निवर्तमान सरपंच बदोपुर।
बदोपुर रूट पर विभाग की ओर से बस चला दी गई है। यह बस सुबह साढ़े आठ बजे बदोपुर के लिए रवाना होगी और 9 बजे बदोपुर पहुंचेगी। वापस में तुरंत नारनौल के लिए रवाना होगी। इससे लगभग 9 गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। बाल किशन, कार्यवाहक मुख्य निरीक्षक, यातायात शाखा, रोडवेज डिपो।