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Haryana Cabinet: नांगल चौधरी विधायक डॉ. अभय सिंह यादव को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, जानें इनका राजनीतिक सफर
Tue, 19 Mar 2024 05:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 19 Mar 2024 05:57 PM IST
सार
अभय यादव 1986 में एचसीएस बने थे। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में उपायुक्त व विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं। फरवरी 2014 में अपनी इच्छा से सेवानिवृत्ति ले ली। यही से इनका राजनीति में पदार्पण हो गया।
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मंत्री पद की शपथ लेते अभय यादव।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा कैबिनेट में नांगल चौधरी से विधायक डॉ. अभय सिंह को स्वतंत्र राज्यमंत्री बनाया गया है। डॉ. अभय सिंह लगातार दूसरी बार नांगल चौधरी से विधायक बने हैं। उन्हें हरियाणा के नए मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
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डॉ. अभय ने अक्तूबर 2014 में पहली बार विधानसभा चुनाव नांगल चौधरी से लड़ा था। इसके बाद 2019 में नांगल चौधरी विधानसभा से दोबारा विधायक बनकर विधानसभा में पहुचे। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 143 करोड़ रुपये की लागत से दक्षिण हरियाणा की लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम में सुधार कर सभी टेल तक पानी पहुंचाया।
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इसके अलावा घाटासेर, बसीरपुर व तलोट गांव की करीब 13 सौ एकड़ जमीन पर लॉजिस्टिक हब की मंजूरी करवाई। वहीं गांव कोरियावास में करीब 80 एकड़ के लगभग जमीन पर मेडिकल काॅलेज का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके अलावा नांगल चौधरी विधानसभा के एक गांव से दूसरे गांव और राजस्थान सीमा को जोड़ने वाले करीब 80 से अधिक नई सड़कों का निर्माण करवाया।
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डॉ. अभय सिंह ने किसान परिवार में लिया था जन्म
15 मार्च 1955 को ढाणी मामराज (कांवी) गांव में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव के पिता श्योकरण यादव एक साधारण किसान थे। पिता का बचपन में ही निधन गया था। पिता के देहांत के बाद पूरे परिवार का पालन पोषण उनकी माता कलावती देवी ने किया। एमए, एलएलएम व पीएचडी (लॉ) तक पढ़ाई करने के बाद करीब छह साल तक जुलाई 1979 से फरवरी 1986 तक नारनौल के पीजी कालेज में बतौर व्याख्याता अपनी सेवाएं दीं। वहीं से फरवरी 1986 में एचसीएस भर्ती हो गए। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में उपायुक्त व विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं। फरवरी 2014 में अपनी इच्छा से सेवानिवृत्ति ले ली। यही से इनका राजनीति में पदार्पण हो गया।