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Mahendragarh-Narnaul News: अब एडीसी की नजर में होंगे सरकारी स्कूल
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फोटो नंबर-15सरकारी स्कूल में पढ़ती छात्राएं।
- फोटो : 1
नारनौल। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब हर जिले के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को शिक्षा विभाग का नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों की निगरानी एडीसी के मार्गदर्शन में की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत एडीसी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित जांच करेंगे। इसमें स्कूल भवनों की स्थिति, निर्माण कार्य, शौचालय, पेयजल, चारदीवारी, साफ-सफाई और जलभराव जैसी समस्याओं की समीक्षा शामिल होगी। खराब या असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर उन्हें हटाने या सुधारने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा स्कूल परिसर की सफाई, पानी की टंकियों की स्वच्छता, पेड़ों की छंटाई, खेल मैदान और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और खाद्यान्न व्यवस्था की भी निगरानी होगी।
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डॉ. कौशिक ने बताया कि स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर और टैबलेट जैसे संसाधनों के उपयोग और रखरखाव की भी समीक्षा की जाएगी। विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी नजर रखी जाएगी।
जरूरत पड़ने पर एडीसी निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें भी बना सकेंगे। शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी अब एडीसी के दिशा-निर्देशन में काम करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा व सुविधाएं मिल सकेंगी।
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नई व्यवस्था के तहत एडीसी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित जांच करेंगे। इसमें स्कूल भवनों की स्थिति, निर्माण कार्य, शौचालय, पेयजल, चारदीवारी, साफ-सफाई और जलभराव जैसी समस्याओं की समीक्षा शामिल होगी। खराब या असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर उन्हें हटाने या सुधारने की कार्रवाई की जाएगी।
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इसके अलावा स्कूल परिसर की सफाई, पानी की टंकियों की स्वच्छता, पेड़ों की छंटाई, खेल मैदान और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और खाद्यान्न व्यवस्था की भी निगरानी होगी।
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डॉ. कौशिक ने बताया कि स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर और टैबलेट जैसे संसाधनों के उपयोग और रखरखाव की भी समीक्षा की जाएगी। विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी नजर रखी जाएगी।
जरूरत पड़ने पर एडीसी निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें भी बना सकेंगे। शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी अब एडीसी के दिशा-निर्देशन में काम करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा व सुविधाएं मिल सकेंगी।