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Mahendragarh-Narnaul News: अब स्मार्ट बनेगी सरकारी पढ़ाई, शिक्षकों के लिए अनिवार्य हुआ एआई
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फोटो नंबर-15सरकारी स्कूल में पढ़ती छात्राएं।
- फोटो : टूंडला के रामपुर में आंधी में टूटकर मृतक के घर के टिका विद्युत खंबे को घटना के बाद देखते लोग संवाद
नारनौल। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था अब डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए एआई आधारित ‘गुरु मित्र’ एप का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। इससे शिक्षक पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग कर सकेंगे।
जिले के सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द गुरु मित्र एप डाउनलोड कर इसका नियमित उपयोग करना होगा। अब शिक्षक इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से लेसन प्लान तैयार करेंगे, शिक्षण सामग्री विकसित करेंगे, विद्यार्थियों के मूल्यांकन कार्य को डिजिटल रूप से संचालित करेंगे व कक्षा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरा कर सकेंगे।
एआई तकनीक के प्रयोग से शिक्षकों का प्रशासनिक बोझ कम होगा और वे विद्यार्थियों की सीखने की जरूरतों के अनुसार बेहतर शिक्षण रणनीति तैयार कर पाएंगे। एप में उपलब्ध डिजिटल कंटेंट, सुझाव और संसाधन शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री तैयार करने में सहायता देंगे।
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जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने बताया कि सभी विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूलों में प्रत्येक शिक्षक की ओर से एप के इंस्टॉलेशन और उपयोग को सुनिश्चित करें। इसके अनुपालन की रिपोर्ट भी नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाएगी। आदेशों की अनदेखी करने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शिक्षक इस तकनीक को सकारात्मक रूप से अपनाते हैं तो सरकारी स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में यह पहल सरकारी स्कूलों को डिजिटल शिक्षा के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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जिले के सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द गुरु मित्र एप डाउनलोड कर इसका नियमित उपयोग करना होगा। अब शिक्षक इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से लेसन प्लान तैयार करेंगे, शिक्षण सामग्री विकसित करेंगे, विद्यार्थियों के मूल्यांकन कार्य को डिजिटल रूप से संचालित करेंगे व कक्षा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरा कर सकेंगे।
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एआई तकनीक के प्रयोग से शिक्षकों का प्रशासनिक बोझ कम होगा और वे विद्यार्थियों की सीखने की जरूरतों के अनुसार बेहतर शिक्षण रणनीति तैयार कर पाएंगे। एप में उपलब्ध डिजिटल कंटेंट, सुझाव और संसाधन शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री तैयार करने में सहायता देंगे।
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जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने बताया कि सभी विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूलों में प्रत्येक शिक्षक की ओर से एप के इंस्टॉलेशन और उपयोग को सुनिश्चित करें। इसके अनुपालन की रिपोर्ट भी नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाएगी। आदेशों की अनदेखी करने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शिक्षक इस तकनीक को सकारात्मक रूप से अपनाते हैं तो सरकारी स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में यह पहल सरकारी स्कूलों को डिजिटल शिक्षा के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।