{"_id":"68c85ce68d1e0e720d075d03","slug":"god-has-done-only-good-for-you-not-bad-pandit-kuldeep-bhardwaj-narnol-news-c-203-1-mgh1004-120176-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान ने आपके लिए अच्छा ही किया है, बुरा नहीं: पंडित कुलदीप भारद्वाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान ने आपके लिए अच्छा ही किया है, बुरा नहीं: पंडित कुलदीप भारद्वाज
विज्ञापन
फोटो संख्या:88- बाबा पूर्णमल मैरिज पैलेस में आयोजित कथा के दौरान कथा सुुनती महिलाएं--स्रोत- आयो
महेंद्रगढ़। बाबा पूर्णमल मैरिज पैलेस में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को पूतना वध, संकट भंजन, तृणावत उद्धार और कालिया नाग उद्धार की कथा सुनाई गई।
कथाव्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को ईश्वर पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। अगर हम सच्चे मन से भगवान के प्रति समर्पित रहते हैं तो वे हमारे किसी भी कार्य को रुकने नहीं देते। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ भी घटित होता है। अच्छा या बुरा वह भगवान की इच्छा से होता है और अंततः हमारे लिए कल्याणकारी ही होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि सच्चे भक्त कभी शिकायत नहीं करते, बल्कि ईमानदारी से अपना कर्म करते रहते हैं। जो भी घटे, उसे ठाकुरजी की मर्जी मानकर स्वीकार करना चाहिए। भगवान से यह प्रश्न करना कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ दरअसल उन पर संदेह करने जैसा है।
विज्ञापन
पंडित भारद्वाज ने समझाया कि जिस दिन इंसान ठाकुर जी का हो जाता है, उसी दिन पूरा संसार उसका हो जाता है। आशीर्वाद केवल धन, पद या व्यवस्था से नहीं मिलता, बल्कि भगवान, गुरु, संत और ब्राह्मण हृदय से प्रसन्न होकर ही आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में विनम्रता का विशेष महत्व है और हर परिस्थिति में भगवान पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए।
विज्ञापन
कथाव्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को ईश्वर पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। अगर हम सच्चे मन से भगवान के प्रति समर्पित रहते हैं तो वे हमारे किसी भी कार्य को रुकने नहीं देते। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ भी घटित होता है। अच्छा या बुरा वह भगवान की इच्छा से होता है और अंततः हमारे लिए कल्याणकारी ही होता है।
विज्ञापन
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि सच्चे भक्त कभी शिकायत नहीं करते, बल्कि ईमानदारी से अपना कर्म करते रहते हैं। जो भी घटे, उसे ठाकुरजी की मर्जी मानकर स्वीकार करना चाहिए। भगवान से यह प्रश्न करना कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ दरअसल उन पर संदेह करने जैसा है।
विज्ञापन
पंडित भारद्वाज ने समझाया कि जिस दिन इंसान ठाकुर जी का हो जाता है, उसी दिन पूरा संसार उसका हो जाता है। आशीर्वाद केवल धन, पद या व्यवस्था से नहीं मिलता, बल्कि भगवान, गुरु, संत और ब्राह्मण हृदय से प्रसन्न होकर ही आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में विनम्रता का विशेष महत्व है और हर परिस्थिति में भगवान पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए।