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Mahendragarh-Narnaul News: किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया
Fri, 23 Feb 2024 11:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 23 Feb 2024 11:08 PM IST
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मंडी अटेली। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने शुक्रवार को सैदपुर में प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के महत्व के विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई।
एसडीओ मनमीत ने बताया कि प्राकृतिक खेती को रसायनमुक्त एवं पशुधन आधारित खेती कहा जाता है। यदि किसान अधिक मुनाफा चाहते हैं तो प्राकृतिक खेती की तरफ अग्रसर हो। तकनीकी सहायक सुशील इंदौरा ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, अग्नि अस्त्र, ब्रम्हास्त्र, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क, सप्त धान्यांकुर आदि को बनाने तथा उसकी भंडारण क्षमता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया कि मृदा में रहने वाले जीवाणु, जो मिट्टी से पोषक तत्वों को पौधों को उपलब्ध कराती है उन्हीं जीवाणुओं को प्राकृतिक खेती द्वारा सशक्त किया जाता है। इन जीवाणुओं की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में रजनीश खंड कृषि अधिकारी, विजेंद्र सिंह, बनारसी देवी, वीर सिंह, राजकुमार यादव, सत्यबीर, संजय सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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एसडीओ मनमीत ने बताया कि प्राकृतिक खेती को रसायनमुक्त एवं पशुधन आधारित खेती कहा जाता है। यदि किसान अधिक मुनाफा चाहते हैं तो प्राकृतिक खेती की तरफ अग्रसर हो। तकनीकी सहायक सुशील इंदौरा ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, अग्नि अस्त्र, ब्रम्हास्त्र, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क, सप्त धान्यांकुर आदि को बनाने तथा उसकी भंडारण क्षमता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया कि मृदा में रहने वाले जीवाणु, जो मिट्टी से पोषक तत्वों को पौधों को उपलब्ध कराती है उन्हीं जीवाणुओं को प्राकृतिक खेती द्वारा सशक्त किया जाता है। इन जीवाणुओं की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में रजनीश खंड कृषि अधिकारी, विजेंद्र सिंह, बनारसी देवी, वीर सिंह, राजकुमार यादव, सत्यबीर, संजय सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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