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Mahendragarh-Narnaul News: 200 छात्राओं को दिया आत्मरक्षा और साइबर अपराध से बचाव का प्रशिक्षण
Sun, 05 May 2024 01:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 05 May 2024 01:24 AM IST
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फोटो संख्या:65-आत्मरक्षा और साइबर अपराध पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिथियों व शिक्षकों
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के असीमा चटर्जी महिला छात्रावास में विवि के महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ द्वारा आत्मरक्षा और साइबर अपराध पर केंद्रित प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीएसपी महेंद्रगढ़ मोहम्मद जमाल, विशिष्ट अतिथि दुर्गा शक्ति प्रधान निरीक्षक मीनाक्षी और साइबर पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र कुमार ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव व आत्मरक्षा की बारीकियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रेनु यादव और समन्वयक डॉ. पवित्रा कुमारी और डॉ. मोना शर्मा रही। समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने विश्वविद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हर छात्रा को अपनी आत्मरक्षा करने के लिए कुछ तकनीक सीखनी चाहिए। डीएसपी मोहम्मद जमाल ने छात्राओं को डायल 112 के बारे में जागरूक किया और उनके लाभों के बारे में बताया।
दुर्गा शक्ति प्रधान निरीक्षक मीनाक्षी ने आत्मरक्षा के बारे में बताते हुए एप्लीकेशन 112 से छात्राओं को अवगत कराया और उन्हें सुझाव दिया कि हर छात्रा अपने फोन में एप 112 को इंस्टॉल करें।
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टीम में शामिल एएसआई बिमला, एचसी सुमन व समत ने छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीक सिखाई। साइबर पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र कुमार ने साइबर अपराध के बारे में विस्तार से उदाहरण सहित समझाकर जागरूक किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से व्हाट्सअप, टेलीग्राम और शॉपिंग साइट्स के जरिए साइबर क्राइम की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। छात्राओं को डायल 1930 से अवगत कराया और बताया कि कोई भी साइबर क्राइम होने पर जल्द से जल्द 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। साइबर क्राइम के एएसआई इंद्रजीत ने साइबर क्राइम घटनाओं के बारे में बताया और इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए विश्वविद्यालय की छात्राओं को सुझाव दिए।
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कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रेनु यादव और समन्वयक डॉ. पवित्रा कुमारी और डॉ. मोना शर्मा रही। समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने विश्वविद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हर छात्रा को अपनी आत्मरक्षा करने के लिए कुछ तकनीक सीखनी चाहिए। डीएसपी मोहम्मद जमाल ने छात्राओं को डायल 112 के बारे में जागरूक किया और उनके लाभों के बारे में बताया।
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दुर्गा शक्ति प्रधान निरीक्षक मीनाक्षी ने आत्मरक्षा के बारे में बताते हुए एप्लीकेशन 112 से छात्राओं को अवगत कराया और उन्हें सुझाव दिया कि हर छात्रा अपने फोन में एप 112 को इंस्टॉल करें।
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टीम में शामिल एएसआई बिमला, एचसी सुमन व समत ने छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीक सिखाई। साइबर पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र कुमार ने साइबर अपराध के बारे में विस्तार से उदाहरण सहित समझाकर जागरूक किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से व्हाट्सअप, टेलीग्राम और शॉपिंग साइट्स के जरिए साइबर क्राइम की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। छात्राओं को डायल 1930 से अवगत कराया और बताया कि कोई भी साइबर क्राइम होने पर जल्द से जल्द 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। साइबर क्राइम के एएसआई इंद्रजीत ने साइबर क्राइम घटनाओं के बारे में बताया और इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए विश्वविद्यालय की छात्राओं को सुझाव दिए।