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रख-रखाव के अभाव में शहर के पार्कों की हालात बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:58 PM IST
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पार्क में कचरे का ढेर
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शहर के पार्कों की हालात बदहाल हैं। नगर परिषद के अधीन में आने वाला कोई भी पार्कों में उचित व्यवस्था न होने के कारण यहां आने-जाने लोगों को असुविधा हो रही है। परिषद ने एक अप्रैल से 31 दिसंबर तक पार्कों के रख रखाव पर कुछ भी नहीं खर्च किया है। वहीं इस वर्ष के बजट में भी पांच लाख रुपये का बजट पार्कों के रखरखाव के लिए रखा गया था जिसका पार्षदों के विरोध जताने पर राशि 20 लाख रुपये कर दी गई है, जो पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
शहर में मुख्य रूप से महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका, सुभाष पार्क, भगवान महावीर पार्क, राव बंशी सिंह पार्क, पुरानी मंडी स्थित राव तुलाराम पार्क, सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क, आफिसर कालोनी स्थित पार्क, राधा कृष्णा पार्क व जलमहल में बना पार्क है। इनमें से सुभाष पार्क के रखरखाव का जिम्मा हुडा व पुरातत्व प्रशासक के पास है जबकि जलमहल स्थित पार्क के रखरखाव का जिम्मा पुरातत्व विभाग के जिम्मे है। वहीं राव बंशी सिंह पार्क के रख-रखाव का जिम्मा मार्केट कमेटी के पास है। इनके अलावा अन्य पार्कों का जिम्मा नगर परिषद के पास है। लेकिन नगर परिषद इन पार्कों के रख रखाव की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नप ने अप्रैल 2016 के बाद दिसंबर 2016 तक अपने बजट से एक भी रुपया पार्क के लिए नहीं खर्च किया।
पार्कों ही हालत दयनीय
शहर के अधिकांश पार्कों की व्यवस्था इस कदर खराब है कि उन्हें पार्क भी नहीं कहा जा सकता। शहर के रेस्ट हाउस के सामने स्थित चितवन वाटिका पार्क में घास के नाम की भी कोई चीज नहीं है। यह पार्क केवल धरना प्रदर्शन व रैली के लिए बन गया है। पार्क में न तो घास है और न ही फुटपाथ है। यहां तक कि यहां पर कोई छायादार पेड़ भी नहीं हैं। वहीं यहां पर सफाई के नाम पर कोई भी कर्मचारी नहीं आता जिससे गंदगी का अंबार लगा रहता है।
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भगवान महावीर पार्क की हालत भी खस्ता
शहर के बीच में भगवान महावीर पार्क में भी गंदगी के ढेर होने के कारण इस पार्क में बैठने वाले भी प्रशासन को कोसते रहते हैं। इस पार्क में वैसे तो किसी व्यक्ति ने अपने स्तर पर अनेक तरह-तरह के फूल तथा पौधे लगा रखे हैं लेकिन सफाई न होने के कारण यहां की सुंदरता कम हो जाती है। इस पार्क में महीनों से कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है तथा गंदगी के बड़े-बड़े ढेर हो गए हैं। यहां के लोगों ने नगर परिषद के चेयरमैन तथा अधिकारियों को कई बार बताया लेकिन प्रशासन के सामने इसका समाधान अभी तक नहीं निकाला है। महावीर शापिंग कॉम्पलेक्स की दुकानों के मालिकों तथा जैन समाज के लोगों ने इस पार्क तथा रास्ते को प्रतिदिन सफाई करने की मांग की है।
नप परिसर के रोज गार्डन का भी बुरा हाल
नगर परिषद परिसर में रोज गार्डन बनाया गया है। परिषद परिसर में होते हुए भी यहां कूड़े के डब्बे आदि डाल दिए गए हैं। यहां लगे पौधों की ओर भी नप अधिकारी व कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा पुरानी मंडी स्थित राव तुलाराम पार्क भी नगर परिषद के अंडर में आता है। इस पार्क में भी बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। यहां भी सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जिसके कारण इस पार्क के आसपास रहने वाले लोग भी काफी परेशान हैं।
महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका में कई महीनों से साफ सफाई नहीं हुई है। पार्क में इतना करकट भरा हुआ है कि यहां आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -अभय सिंह
पार्कों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोग सुबह शाम पार्क में घूमने के लिए जाते हैं लेकिन यहां फैली गंदगी के कारण वे वापस ही लौट जाते हैं। पार्कों में सही साफ सफाई न होने के कारण लोग काफी परेशान हैं।-भूपेंद्र सिंह
शहर के पार्कों की ओर नगर परिषद कोई ध्यान नहीं दे रहा। नप का इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण हालत बद से बदतर बने हुए हैं। पार्कों में घास का अभाव है। घास न होने के कारण शहर के पार्क पार्क जैसे लगते ही नहीं हैं। -कपिल सोनी
शहर के पार्क केवल नाम के ही पार्क हैं। यहां पर सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। आने वाले गर्मियों के मौसम में लोग पार्कों में बैठना पसंद करेंगे लेकिन पार्कों की हालत खराब होने के कारण उनको बैठने के लिए कहीं जगह नहीं है। -बीएल शर्मा
पार्कों की दयनीय हालत को सुधारने के लिए नप की ओर से 20 लाख रुपये का प्रस्ताव पास कराया गया है। जल्द ही शहर के पार्कों के रख रखाव व उनका दोबारा निर्माण किया जाएगा। -भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद नारनौल
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शहर में मुख्य रूप से महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका, सुभाष पार्क, भगवान महावीर पार्क, राव बंशी सिंह पार्क, पुरानी मंडी स्थित राव तुलाराम पार्क, सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क, आफिसर कालोनी स्थित पार्क, राधा कृष्णा पार्क व जलमहल में बना पार्क है। इनमें से सुभाष पार्क के रखरखाव का जिम्मा हुडा व पुरातत्व प्रशासक के पास है जबकि जलमहल स्थित पार्क के रखरखाव का जिम्मा पुरातत्व विभाग के जिम्मे है। वहीं राव बंशी सिंह पार्क के रख-रखाव का जिम्मा मार्केट कमेटी के पास है। इनके अलावा अन्य पार्कों का जिम्मा नगर परिषद के पास है। लेकिन नगर परिषद इन पार्कों के रख रखाव की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नप ने अप्रैल 2016 के बाद दिसंबर 2016 तक अपने बजट से एक भी रुपया पार्क के लिए नहीं खर्च किया।
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पार्कों ही हालत दयनीय
शहर के अधिकांश पार्कों की व्यवस्था इस कदर खराब है कि उन्हें पार्क भी नहीं कहा जा सकता। शहर के रेस्ट हाउस के सामने स्थित चितवन वाटिका पार्क में घास के नाम की भी कोई चीज नहीं है। यह पार्क केवल धरना प्रदर्शन व रैली के लिए बन गया है। पार्क में न तो घास है और न ही फुटपाथ है। यहां तक कि यहां पर कोई छायादार पेड़ भी नहीं हैं। वहीं यहां पर सफाई के नाम पर कोई भी कर्मचारी नहीं आता जिससे गंदगी का अंबार लगा रहता है।
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भगवान महावीर पार्क की हालत भी खस्ता
शहर के बीच में भगवान महावीर पार्क में भी गंदगी के ढेर होने के कारण इस पार्क में बैठने वाले भी प्रशासन को कोसते रहते हैं। इस पार्क में वैसे तो किसी व्यक्ति ने अपने स्तर पर अनेक तरह-तरह के फूल तथा पौधे लगा रखे हैं लेकिन सफाई न होने के कारण यहां की सुंदरता कम हो जाती है। इस पार्क में महीनों से कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है तथा गंदगी के बड़े-बड़े ढेर हो गए हैं। यहां के लोगों ने नगर परिषद के चेयरमैन तथा अधिकारियों को कई बार बताया लेकिन प्रशासन के सामने इसका समाधान अभी तक नहीं निकाला है। महावीर शापिंग कॉम्पलेक्स की दुकानों के मालिकों तथा जैन समाज के लोगों ने इस पार्क तथा रास्ते को प्रतिदिन सफाई करने की मांग की है।
नप परिसर के रोज गार्डन का भी बुरा हाल
नगर परिषद परिसर में रोज गार्डन बनाया गया है। परिषद परिसर में होते हुए भी यहां कूड़े के डब्बे आदि डाल दिए गए हैं। यहां लगे पौधों की ओर भी नप अधिकारी व कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा पुरानी मंडी स्थित राव तुलाराम पार्क भी नगर परिषद के अंडर में आता है। इस पार्क में भी बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। यहां भी सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जिसके कारण इस पार्क के आसपास रहने वाले लोग भी काफी परेशान हैं।
महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका में कई महीनों से साफ सफाई नहीं हुई है। पार्क में इतना करकट भरा हुआ है कि यहां आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -अभय सिंह
पार्कों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोग सुबह शाम पार्क में घूमने के लिए जाते हैं लेकिन यहां फैली गंदगी के कारण वे वापस ही लौट जाते हैं। पार्कों में सही साफ सफाई न होने के कारण लोग काफी परेशान हैं।-भूपेंद्र सिंह
शहर के पार्कों की ओर नगर परिषद कोई ध्यान नहीं दे रहा। नप का इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण हालत बद से बदतर बने हुए हैं। पार्कों में घास का अभाव है। घास न होने के कारण शहर के पार्क पार्क जैसे लगते ही नहीं हैं। -कपिल सोनी
शहर के पार्क केवल नाम के ही पार्क हैं। यहां पर सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। आने वाले गर्मियों के मौसम में लोग पार्कों में बैठना पसंद करेंगे लेकिन पार्कों की हालत खराब होने के कारण उनको बैठने के लिए कहीं जगह नहीं है। -बीएल शर्मा
पार्कों की दयनीय हालत को सुधारने के लिए नप की ओर से 20 लाख रुपये का प्रस्ताव पास कराया गया है। जल्द ही शहर के पार्कों के रख रखाव व उनका दोबारा निर्माण किया जाएगा। -भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद नारनौल