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Mahendragarh-Narnaul News: ईंधन के दाम बढ़े, ऑटो चालकों की कमाई घटी
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फोटो नंबर- 18बस स्टैंड के बाहर खड़े ऑटो। संवाद
नारनौल। पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों का असर अब आम लोगों के साथ ऑटो चालकों की कमाई पर भी साफ दिखने लगा है। ईंधन महंगा होने से ऑटो चलाने की लागत बढ़ गई है जिससे चालकों की रोजाना बचत काफी कम हो गई है और परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
क्षेत्र में करीब 200 ऑटो संचालित हैं जिनमें से अधिकतर किस्तों पर लिए गए हैं। दिनभर शहर में चलने के बाद एक ऑटो चालक मुश्किल से 400 से 500 रुपये की बचत ही कर पा रहा है। खर्च बढ़ने के कारण कई चालक परेशान हैं।
वहीं, दूसरी ओर ई-रिक्शा की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। प्रशासन की ओर से भी ईंधन की खपत कम करने के लिए लोगों को ई-रिक्शा अपनाने की अपील की गई है। उपायुक्त ने बस स्टैंड के बाहर 10 से 15 ई-रिक्शा खड़े करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन फिलहाल वहां केवल 2 से 4 ई-रिक्शा ही नजर आते हैं।
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शहर में करीब 50 ई-रिक्शा चल रहे हैं। ऑटो और ई-रिक्शा दोनों का किराया लगभग 20 रुपये है लेकिन लंबी दूरी पर ई-रिक्शा सस्ता पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में ई-रिक्शा की मांग और बढ़ने की संभावना है।
बॉक्स
गत दिनों में चार बार ईंधन के दाम बढ़े है। पहले एक दिन में 800 रुपये बच जाते थे, अब डीजल महंगा होने से केवल 400 से 500 रुपये तक ही बचत निकल पाती है। इससे घर का खर्च, बच्चों की फीस और किश्त निकालना मुश्किल हो गया है।-सतबीर सिंह, मोहल्ला जमालपुर
बॉक्स
मैंने कुछ दिनों पहले ही ऑटो किस्त पर लिया था, अब सरकार व प्रशासन ईंधन की खपत कम करने के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग करने की अपील कर रहे हैं। इससे ईंधन से संचालित ऑटो चालकों के रोजगार पर संकट छा गया है। -कैलाश सैनी, मोहल्ला पीरआगा
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क्षेत्र में करीब 200 ऑटो संचालित हैं जिनमें से अधिकतर किस्तों पर लिए गए हैं। दिनभर शहर में चलने के बाद एक ऑटो चालक मुश्किल से 400 से 500 रुपये की बचत ही कर पा रहा है। खर्च बढ़ने के कारण कई चालक परेशान हैं।
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वहीं, दूसरी ओर ई-रिक्शा की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। प्रशासन की ओर से भी ईंधन की खपत कम करने के लिए लोगों को ई-रिक्शा अपनाने की अपील की गई है। उपायुक्त ने बस स्टैंड के बाहर 10 से 15 ई-रिक्शा खड़े करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन फिलहाल वहां केवल 2 से 4 ई-रिक्शा ही नजर आते हैं।
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शहर में करीब 50 ई-रिक्शा चल रहे हैं। ऑटो और ई-रिक्शा दोनों का किराया लगभग 20 रुपये है लेकिन लंबी दूरी पर ई-रिक्शा सस्ता पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में ई-रिक्शा की मांग और बढ़ने की संभावना है।
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गत दिनों में चार बार ईंधन के दाम बढ़े है। पहले एक दिन में 800 रुपये बच जाते थे, अब डीजल महंगा होने से केवल 400 से 500 रुपये तक ही बचत निकल पाती है। इससे घर का खर्च, बच्चों की फीस और किश्त निकालना मुश्किल हो गया है।-सतबीर सिंह, मोहल्ला जमालपुर
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मैंने कुछ दिनों पहले ही ऑटो किस्त पर लिया था, अब सरकार व प्रशासन ईंधन की खपत कम करने के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग करने की अपील कर रहे हैं। इससे ईंधन से संचालित ऑटो चालकों के रोजगार पर संकट छा गया है। -कैलाश सैनी, मोहल्ला पीरआगा