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Mahendragarh-Narnaul News: 0.9 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ जमा पाला
Sat, 28 Jan 2023 10:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 28 Jan 2023 10:58 PM IST
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फोटो संख्या:62 पाला गिरने से पशुचारे पर जमी बर्फ---संवाद
महेंद्रगढ़। लगातार तीन दिन से पड़ रहे पाले के चलते जिले में 320562 एकड़ में खड़ी फसलों पर संकट के बादल छा गए हैं। शनिवार को भी लगातार तीसरे दिन महेंद्रगढ़ 0.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के चलते प्रदेशभर में सबसे ठंडा क्षेत्र रहा। सुबह बर्फ की चादर से दिन की शुरूआत हुई।
बता दें कि गत 15 से 18 जनवरी चार और अब 26 से 28 जनवरी तीन दिन जमे पाले के चलते अधिकांश फसलें प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि इस बार फसलों पर मौसम की मार अधिक रही है। फसलें पहले ही सरसों की फसल करीब 70 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। वहीं सब्जियों में पाले की मार से करीब 90 प्रतिशत नुकसान की आशंका किसानों द्वारा जताई जा रही है। मौसम विभाग द्वारा रविवार से पाले में राहत और मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि अगेती सरसों के मुकाबले पछेती में नुकसान की संभावना कम है लेकिन सब्जियों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि 28 जनवरी से एक फरवरी तक मौसम शुष्क परंतु परिवर्तनशी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभावों के कारण आंशिक बदलवाई और 29 से 31 जनवरी तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना रहेगी।
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- यह है जिले में फसलों की स्थिति
फसल रकबा एकड़ में
सरसों - 225275
गेहूं - 80850
जौ - 575
चना - 10550
मटर - 1425
पशुचारा - 400
टमाटर - 50
मिर्ची - 50
आलू - 38
टिंडा - 50
तरबूज-खरबूजा- 50
सरसों महेंद्रगढ़ जिले की प्रमुख फसल है। दो बार में सात दिन जमे पाले के लिए अगेती सरसों की फसल में 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान की संभावना है। अगेती सरसों की फलियों में दाना मर चुका है। सरसों की फसल अब पकाई पर थी लेकिन इस समय पाला जमने से सरसों की फसल में अधिक नुकसान हो गया है। क्षेत्र के किसान बार-बार विशेष गिरदावरी करा मुआवजे की मांग भी उठा चुके हैं।
-धर्मपाल नंबरदार, पायगा।
क्षेत्र में मटर, आलू, टमाटर, बैंगन, बेल वाली सब्जियां पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं सरसों में भी 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान की संभावना है। क्षेत्र के किसान बार-बार सरकार एवं प्रशासन से विशेष गिरदावरी करा मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। लेकिन कृषि विभाग एवं प्रदेश सरकार ने किसानों की मांगों पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। उनकी मांग है कि शीघ्रता से गिरदावरी करा किसानों की आर्थिक मदद करें।
-रामनिवास पाटोदा, सुरजनवास।
अलग-अलग चरण में जमे पाले से विशेषकर सरसों एवं सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। पाले से अगेती सरसों की फसलों में अधिक नुकसान की आशंका है। 25 अक्तूबर से पूर्व बिजाई की गई सरसों की फसल में अधिक नुकसान है। वहीं सब्जियों की फसलों में पाले से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अगेती सरसों में फलियों में दाना बनना शुरू हो गया था जो पाले की चपेट में आने से प्रभावित हुआ है।
- डॉ. रमेश कुमार, वरिष्ठ संयोजक, कृषि विज्ञान केंद्र, महेंद्रगढ़।
सरकार द्वारा राजस्व विभाग को 5 फरवरी से गिरदावरी के आदेश जारी किए गए हैं। जिले की सभी खंडों में गिरदावरी का काम किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। वहीं कृषि विभाग द्वारा क्रॉप मैपिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है उन किसानों की फसलों का बीमा कंपनी द्वारा सर्वे किया जाएगा।
-डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, महेंद्रगढ़।
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बता दें कि गत 15 से 18 जनवरी चार और अब 26 से 28 जनवरी तीन दिन जमे पाले के चलते अधिकांश फसलें प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि इस बार फसलों पर मौसम की मार अधिक रही है। फसलें पहले ही सरसों की फसल करीब 70 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। वहीं सब्जियों में पाले की मार से करीब 90 प्रतिशत नुकसान की आशंका किसानों द्वारा जताई जा रही है। मौसम विभाग द्वारा रविवार से पाले में राहत और मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि अगेती सरसों के मुकाबले पछेती में नुकसान की संभावना कम है लेकिन सब्जियों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि 28 जनवरी से एक फरवरी तक मौसम शुष्क परंतु परिवर्तनशी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभावों के कारण आंशिक बदलवाई और 29 से 31 जनवरी तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना रहेगी।
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- यह है जिले में फसलों की स्थिति
फसल रकबा एकड़ में
सरसों - 225275
गेहूं - 80850
जौ - 575
चना - 10550
मटर - 1425
पशुचारा - 400
टमाटर - 50
मिर्ची - 50
आलू - 38
टिंडा - 50
तरबूज-खरबूजा- 50
सरसों महेंद्रगढ़ जिले की प्रमुख फसल है। दो बार में सात दिन जमे पाले के लिए अगेती सरसों की फसल में 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान की संभावना है। अगेती सरसों की फलियों में दाना मर चुका है। सरसों की फसल अब पकाई पर थी लेकिन इस समय पाला जमने से सरसों की फसल में अधिक नुकसान हो गया है। क्षेत्र के किसान बार-बार विशेष गिरदावरी करा मुआवजे की मांग भी उठा चुके हैं।
-धर्मपाल नंबरदार, पायगा।
क्षेत्र में मटर, आलू, टमाटर, बैंगन, बेल वाली सब्जियां पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं सरसों में भी 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान की संभावना है। क्षेत्र के किसान बार-बार सरकार एवं प्रशासन से विशेष गिरदावरी करा मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। लेकिन कृषि विभाग एवं प्रदेश सरकार ने किसानों की मांगों पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। उनकी मांग है कि शीघ्रता से गिरदावरी करा किसानों की आर्थिक मदद करें।
-रामनिवास पाटोदा, सुरजनवास।
अलग-अलग चरण में जमे पाले से विशेषकर सरसों एवं सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। पाले से अगेती सरसों की फसलों में अधिक नुकसान की आशंका है। 25 अक्तूबर से पूर्व बिजाई की गई सरसों की फसल में अधिक नुकसान है। वहीं सब्जियों की फसलों में पाले से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अगेती सरसों में फलियों में दाना बनना शुरू हो गया था जो पाले की चपेट में आने से प्रभावित हुआ है।
- डॉ. रमेश कुमार, वरिष्ठ संयोजक, कृषि विज्ञान केंद्र, महेंद्रगढ़।
सरकार द्वारा राजस्व विभाग को 5 फरवरी से गिरदावरी के आदेश जारी किए गए हैं। जिले की सभी खंडों में गिरदावरी का काम किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। वहीं कृषि विभाग द्वारा क्रॉप मैपिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है उन किसानों की फसलों का बीमा कंपनी द्वारा सर्वे किया जाएगा।
-डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, महेंद्रगढ़।