Haryana: RPS ग्रुप के फाउंडर निदेशक डॉ. ओपी यादव का निधन, महेंद्रगढ़ को शिक्षा का हब बनाने में रही अहम भूमिका
महेंद्रगढ़ को शिक्षा का हब बनाने में डॉ. ओपी यादव की अहम भूमिका रही। डॉ. ओपी यादव की शवयात्रा में लोग उमड़े। शिक्षक, नेता, अधिवक्ता और विभिन्न संगठनों के लोगों ने उनको अंतिम विदाई देकर शोक जताया।
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हरियाणा के महेंद्रगढ़ को शिक्षा का हब बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले आरपीएस ग्रुप के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. ओपी यादव का शनिवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कनीना में किया गया। उनके पुत्र एडवोकेट नरेंद्र राव व मनीष राव ने मुखाग्नि दी। प्रदेश भर के राजनीतिक, सामाजिक व अन्य संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने डॉ. यादव को अंतिम विदाई दी।
डॉ. ओपी यादव का जन्म 1943 में राव प्रहलाद सिंह के घर कनीना में हुआ था। उन्होंने वायु सेना में भर्ती होकर 1962 में भारत-चीन युद्ध में भागीदार बनकर देश की रक्षा में अपना सराहनीय योगदान दिया। 1968 से 1971 में भारत-पाक युद्ध में भी अपनी वीरता दिखाई। वर्ष 1977 में वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अधिवक्ता के रूप में लोगों को न्याय दिलवाने का काम किया।
दो बार महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन के प्रधान तथा भारत सरकार के टेलकम सलाहकार समिति के सदस्य रहने के साथ-साथ जिला स्तर व राज्य स्तर पर गठित विभिन्न समितियों के सदस्य रहे। वर्ष 1998 में महेंद्रगढ़ के गांव खातोद में आरपीएस शिक्षा समिति की।
भारतीय शिक्षा समिति के तत्वावधान में आज 13 विद्यालय, 5 कॉलेज व वेटरनरी कॉलेज चल रहे हैं जिनमें करीब 37 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं उनके संस्थानों में करीब 6500 से भी अधिक कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
डॉ. ओपी यादव की शवयात्रा में उमड़े लोग
आरपीएस ग्रुप के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. ओपी यादव के निधन की खबर सुनते ही शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को जानकारी होते ही शिक्षक, विभिन्न दलों के नेता, अधिवक्ता और संगठनों के लोग उनके पैतृक आवास कनीना पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़े रहे।
डॉ. यादव की दो दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। वे अपने कनीना स्थित पैतृक आवास पर ही थे। शनिवार को उनकी तबीयत खराब हो गई और देर रात उन्होंने आखिरी सांस ली। लोगों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए डॉ. यादव को हमेशा याद किया जाएगा। उनके द्वारा स्थापित किए गए शिक्षण संस्थानों में पढ़े कई लोग आज विभिन्न पदों पर आसीन हैं।
उनके निधन की खबर सुनते ही रविवार को बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाविद्, अधिवक्ता, राजनीतिक दलों के नेता समेत विभिन्न संगठनों के लोग उनके आवास पर पहुंच गए और नम आंखों ने डॉ. यादव को विदाई दी।
शवयात्रा में पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, विधायक सीताराम यादव, पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेंद्र सिंह, पूर्व विधायक नरेश यादव, पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह, पूर्व जिला प्रमुख राम सिंह, डीआईजी राज सिंह, अनिल कौशिक, बलवान सिंह आर्य, सतीश जैलदार, अशोक ठेकेदार, मुकेश लावणियां, आरआरसीएम के चेयरमैन रोशन लाल यादव, भगत सिंह, प्रो. रोशनलाल, कंवर सिंह कलवाड़ी, एसएस राव, नरेंद्र राव, देवेंद्र राव, भगत सिंह, सुजान सिंह, राजवीर यादव, तुलसीराम शर्मा, सुशील शर्मा, नरेश जोशी आदि शामिल रहे। सभी ने डॉ. यादव के योगदान की चर्चा करते हुए उन्हें नमन किया।