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वन विभाग की टीम ने विशेष अभियान में 9 मशीन सील की, स्टॉक रजिस्टर में भी मिली गड़बड़ी
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कनीना में मशीनों को सील करते हुए वन रेंज अधिकारी नरेंद्र व अन्य। संवाद
- फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़/कनीना। वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने शनिवार को विशेष अभियान के तहत 9 आरा मशीनों को सील किया। इन मशीन संचालकों पर नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा। मशीनों के स्टॉक रजिस्टर का मिलान न होने पर चालान किए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों को आरा मशीनों में लाइसेंस के विपरीत काम किए जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर जिला वन अधिकारी ने विशेष टीम का गठन किया। फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में बनी इस टीम में इंस्पेक्टर रामकिशन, राजबीर, सुनील, फोरेस्ट गार्ड संजय, नरेंद्र, कृष्ण सहित अन्य शामिल किए गए। टीम ने शनिवार को सबसे पहले कनीना शहर में मशीनों की जांच की। जिसमें तीन आरा मशीनों के लिए लाइसेंस वर्टिकल जारी किया गया था। इन मशीनों को होरीजेंटल तरीके से चलाया जा रहा था। जिसमें लाइसेंस फीस का अंतर रहता है। वर्टिकल के लिए 75 हजार रुपये लाइसेंस फीस है। होरीजेंटल के लिए 2.10 लाख रुपये की लाइसेंस फीस है। इस तरह से प्रत्येक मशीन पर करीब एक लाख 35 हजार रुपये की चोरी थी। इसके अलावा जीएसटी की चोरी मिलने की आशंका भी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कनीना में तीन, बेवल में दो, पाथेड़ा में 3, खैराना में एक मशीन को सील किया जा चुका है। कुल 9 मशीनों को सील किया गया है। जिसमें कुछ मशीनों के स्टॉक रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली है। लकड़ियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर चालान किया गया है। आगामी आदेशों तक इन मशीनों को संचालित नहीं किया जा सकेगा।
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लाइसेंस की प्रक्रिया का उल्लंघन
वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र में कुल उपलब्ध लकड़ी के हिसाब से लाइसेंस प्रदान करते हैं। जिसमें मशीनों को लगाए जाने का मानक भी तय रहता है। होरीजेंटल तथा वर्टिकल तरीके से लगाई गई मशीन की लकड़ी कटाई की क्षमता में काफी अंतर रहता है। इस कारण लाइसेंस फीस में भी फर्क होता है।
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वर्जन.....
आरा मशीनों की जांच जा रही है। शनिवार को कनीना, बेवल, पाथेड़ा, खैरानी में कुल 9 मशीनों को सील किया जा चुका है। मशीनों का रिकार्ड भी जांचा जा रहा है। कुछ मशीनों के स्टॉक रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली है।
- नरेंद्र कुमार, रेंज ऑफिसर, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, महेंद्रगढ़
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वन विभाग के अधिकारियों को आरा मशीनों में लाइसेंस के विपरीत काम किए जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर जिला वन अधिकारी ने विशेष टीम का गठन किया। फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में बनी इस टीम में इंस्पेक्टर रामकिशन, राजबीर, सुनील, फोरेस्ट गार्ड संजय, नरेंद्र, कृष्ण सहित अन्य शामिल किए गए। टीम ने शनिवार को सबसे पहले कनीना शहर में मशीनों की जांच की। जिसमें तीन आरा मशीनों के लिए लाइसेंस वर्टिकल जारी किया गया था। इन मशीनों को होरीजेंटल तरीके से चलाया जा रहा था। जिसमें लाइसेंस फीस का अंतर रहता है। वर्टिकल के लिए 75 हजार रुपये लाइसेंस फीस है। होरीजेंटल के लिए 2.10 लाख रुपये की लाइसेंस फीस है। इस तरह से प्रत्येक मशीन पर करीब एक लाख 35 हजार रुपये की चोरी थी। इसके अलावा जीएसटी की चोरी मिलने की आशंका भी है।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कनीना में तीन, बेवल में दो, पाथेड़ा में 3, खैराना में एक मशीन को सील किया जा चुका है। कुल 9 मशीनों को सील किया गया है। जिसमें कुछ मशीनों के स्टॉक रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली है। लकड़ियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर चालान किया गया है। आगामी आदेशों तक इन मशीनों को संचालित नहीं किया जा सकेगा।
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लाइसेंस की प्रक्रिया का उल्लंघन
वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र में कुल उपलब्ध लकड़ी के हिसाब से लाइसेंस प्रदान करते हैं। जिसमें मशीनों को लगाए जाने का मानक भी तय रहता है। होरीजेंटल तथा वर्टिकल तरीके से लगाई गई मशीन की लकड़ी कटाई की क्षमता में काफी अंतर रहता है। इस कारण लाइसेंस फीस में भी फर्क होता है।
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वर्जन.....
आरा मशीनों की जांच जा रही है। शनिवार को कनीना, बेवल, पाथेड़ा, खैरानी में कुल 9 मशीनों को सील किया जा चुका है। मशीनों का रिकार्ड भी जांचा जा रहा है। कुछ मशीनों के स्टॉक रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली है।
- नरेंद्र कुमार, रेंज ऑफिसर, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, महेंद्रगढ़