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जिले से 50 बसों में 1500 मजदूरों को भेजा गया बुलंदशहर

Sun, 17 May 2020 10:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 10:48 PM IST
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fifteen hundred laborers were sent in buses to bulandshahr
सीहमा में बस से मजदूरों को रवाना करते हुए। - फोटो : Narnol
जिले से मजदूूरों को उनके गृह प्रदेश भेजने का कार्य जारी है। अलग-अलग जगहों से 50 बसों से करीब 1500 मजदूरों को यूपी के बुलंदशहर भेजा गया। रविवार को नारनौल से बुलंदशहर के लिए 11 बसें भेजी गईं। अभी भी शेल्टर होम में बिहार के श्रमिक ठहरे हैं। उनकी भी प्रशासन लिस्ट बनवा रहा है।
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रोडवेज के वर्कशॉप मैनेजर अनित यादव ने बताया कि नारनौल शेल्टर के लिए छह बसें, नांगल चौधरी के लिए एक, सीहमा के लिए तीन, निजामपुर के लिए एक, नारनौल बीडीपीओ कार्यालय से छह, अटेली से छह, कनीना से 14 व महेंद्रगढ़ से 11 बसों को बुलंदशहर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जरूरत के अनुसार और बसें भी उपलब्ध कराई गई हैं। एक बस में तीस मजदूरों को बैठाने का प्रावधान है। इसके अलावा बच्चों को भी बैठाया गया। दूसरी ओर नारनौल से सुबह नप कार्यालय से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के मजदूूरों को भेजा गया।
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सुबह सभी मजदूूरों को एक बार फिर थर्मल स्कैनिंग हुई। इसके बाद सभी को सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर बसों में बैठाया गया। बुलंदशहर के लिए छह बसों से 294 लोगों को भेजा गया। इसके अलावा बीडीपीओ कार्यालय से यूपी के मजदूरों को भेजा गया। अलग-अलग शेल्टर होम में बुलंदशहर व आसपास के जिले के लोगों को भेजा गया।
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बाबूजी, अच्छा तो अब हम चलते हैं
दूसरी ओर सीहमा में बाबू जी अच्छा तो अब हम चलते हैं। इस वादे के साथ समय आने पर फिर मिलेंगे। यह शब्द रविवार को सीहमा बीडीपीओ कार्यालय परिसर में खड़ी बसों में बैठने से पहले यूपी के अपने गृह जिले लौटने से पूर्व जौनपुर, झांसी, संभल, रामपुर, सीतापुर अमरोहा के दूधनाथ, अरफान, शोभारानी, रमाकांत आदि प्रवासी श्रमिकों के थे। 80 प्रवासी श्रमिकों को तीन बसों से भेजा गया। श्रमिक सेवा कमेटी सीहमा के सदस्य डॉ. सुभाष भटनागर व हेमंत एडवोकेट सीहमा ने 300 सौ बिस्किट के पैकेट मजदूरों को दिया। बीडीपीओ सीहमा के सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि रविवार सुबह तीन सरकारी बसों से सीहमा खंड के 30 गांवों में ठहरे 80 प्रवासी मजदूरों को लेकर यूपी के विभिन्न जिलों में श्रमिकों को छोड़ने के लिए रवाना हुआ। जिला प्रशासन ने अपनी पूरी मेहनत व लगन से एक सप्ताह में सीहमा खंड के 30 गांवों से 22 बसों द्वारा यूपी के 621 प्रवासी श्रमिकों को निशुल्क उनके गृह जिले में पहुंचाने का कार्य किया है।
अटाली के सरपंच अमर सिंह, खामपुरा के सरपंच पति महेंद्र, खासपुर के सरपंच सज्जन, दुबलाना के सरपंच धर्मपाल, सीहमा के सरपंच हरनाम , पंच हेमंत एडवोकेट, दोंगड़ा अहीर के अनिल यादव ने बताया कि सीहमा, खामपुरा आदि गांवों में अब भी जो श्रमिक यूपी, बिहार, एमपी आदि राज्यों के रह रहे हैं वह अपनी मर्जी से रुके हैं। यही रहकर चिनाई आदि का कार्य करने में जुटे हैं।

अटेली से रविवार को यूपी के 213 मजदूरों को सात बसों से रवाना कियामंडी अटेली। जिला प्रशासन की ओर से रविवार को सुबह छह बजे अटेली खंड के 213 यूपी के प्रवासी श्रमिकों को सात बसों से रवाना किया। सुबह छह बजे अटेली के बस स्टैंड पर यूपी के बुलंदशहर के लिए अटेली के नए बस स्टैंड से खंड के विभिन्न गांवों से एकत्रित कर सात बसों में श्रमिकों को बैठा कर उनके गृह राज्य की सीमा के लिए बीडीपीओ ओमप्रकाश ने रवाना किया। अधिकारियों, कर्मचारियों व श्रमिकों ने तालियां भी बजायी। बीडीपीओ कार्यालय अपने खाते में दर्ज सभी यूपी के श्रमिकों को भेज चुका हैं। इसके अलावा राजस्थान के सभी श्रमिकों को भी भेज कर अपने रजिस्टर को बंद कर लिया है।
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