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सतनाली और आकोदा में वितरित हुआ खाद वहीं महेंद्रगढ़ और कनीना के किसान लौट खाली हाथ

Sat, 13 Nov 2021 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:33 AM IST
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Fertilizer was distributed in Satnali and Akoda, while the farmers of Mahendragarh and Kanina returned empty handed
सतनाली में खाद लेकर जाते किसान। - फोटो : Narnol
क्षेत्र में डीएपी का संकट जारी है। अधिकांश केंद्रों पर शुक्रवार को भी खाद नहीं पहुंचने के कारण किसान दिनभर कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। महेंद्रगढ़ के केंद्रों पर पिछले दो सप्ताह से खाद नहीं आने के कारण यहां के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोऑपरेटिव सोसायटी केंद्र सतनाली पर शुक्रवार को खाद वितरण किया गया। इससे पूर्व वीरवार को देर सायं तक किसानों को टोकन बांटे गए थे। खाद की सूचना के बाद किसानों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस की मौजूदगी में व्यवस्था बनाकर टोकन वितरित कराए जा रहे हैं। पुलिस की उपस्थिति में लाइन लगवाकर प्रति किसान दो बैग खाद वितरण किया गया।
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पैक्स प्रबंधक राजकुमार शर्मा ने बताया कि पैक्स केंद्र पर 800 बैग डीएपी आई थी। किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टोकन प्राप्त कर चुके किसानों को प्रति किसान दो बैग वितरित किए गए हैं।
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आकोदा पैक्स में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी किसानों को खाद वितरित किया गया। कृषि विभाग के डॉ. सचिन श्योराण ने बताया कि 142 किसानों को खाद बांटा गया है। पैक्स में यूरिया के 1150 बैग पहुंचे थे जो किसानों को वितरण किए जा चुके हैं। डीएपी के 562 बैग किसानों को बांटे गए। किसान सुबह ही लाइन खाद लेने के लिए पैक्स के अंदर पहुंच गए थे।
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इफ्को केंद्र शुक्रवार को केवल उन्हीं किसानों को खाद वितरण किया गया जिन्हें वीरवार को टोकन दिए गए थे। केंद्र पर खाद लेने पहुंचे किसान श्याम सुंदर, देशराज, सुभाष, देवेंद्र, ओमबीर ने बताया कि खाद केंद्र पर वे लोग सुबह से ही लाइन लगाकर डीएपी खाद लेने के लिए खड़े हुए है। न तो उन्हें टोकन दिए गए व न ही उन्हें खाद दी गई। गेहूं की बिजाई का कार्य भी शुरू हो चुका है लेकिन डीएपी न मिलने की वजह से वे अपने खेतों में बिजाई नहीं कर पा रहे है।
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