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खाद संकट: पुलिस और कृषि अधिकारियों के पहरे में बंट रही खाद

Fri, 19 Sep 2025 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 19 Sep 2025 11:33 PM IST
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Fertilizer crisis: Fertilizers being distributed under the watch of police and agriculture officials
फोटो संख्या:59- सरकारी खाद केंद्र पर लगी किसानाें की लंबी लाइन--संवाद
महेंद्रगढ़। डीएपी को लेकर किसानों की परेशानी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। दिनभर लाइनों में लगने के बावजूद कई किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित सरकारी खाद बिक्री केंद्र पर पुलिस एवं कृषि अधिकारियों के पहरे में 800 बैगों का वितरण किया गया।
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किसान दिनभर लाइनों में लगने को लेकर आपस में उलझते रहे। पुलिस कर्मचारियों को किसानों की लाइनें बनवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। किसान सुबह पांच बजे ही केंद्र पहुंचकर लाइनों में लग गए। कृषि विभाग की ओर से सितंबर अक्तूबर के लिए 4 हजार मीट्रिक टन खाद की मांग प्रदेश सरकार को भेजी थी लेकिन इस मांग का आधा खाद ही किसानों को उपलब्ध हो पाया है।
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वहीं पांच सालों से लाइनों में धक्के खाने के बाद किसानों को भी समय पर खाद नहीं मिलने का भय सता रहा है। इसके कारण किसान भी एक माह पूर्व ही खाद का जुगाड़ करने में जुट गए हैं।
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वहीं जिम्मेदारों की ओर से किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की बजाए वितरण प्रक्रिया जटिल बनाकर परेशानी को और बढ़ा दिया है। पहले जहां आधार कार्ड पर एक किसान को तीन से चार बैग दिए जाते थे वहीं अब यह घटाकर दो कर दिए हैं। अब आधार कार्ड नंबर में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी मिलने के बाद किसान का सत्यापन किया जा रहा है।
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पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के बजाए खरीद केंद्र एवं कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी वितरण प्रक्रिया को अधिक जटिल बनाने में जुटे हैं। कई किसान दिनभर लाइनों में लगकर धक्के खाने के बावजूद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।- जयपाल, जांजड़ियावास
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पहले आधार कार्ड से तीन-चार बैग मिल जाते थे लेकिन अब आधार कार्ड के मोबाइल नंबर पर ओटीपी बताने के बाद ही खाद मिल पा रही है। पांच सालों से जरूरत पर किसान धक्के खाने को मजबूर हो रहा है। लाइनों में लगने पर भी खाद नहीं मिल रही।- विजय कुमार, सुरजनवास
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निजी खाद केंद्र पर 1350 रुपये तो डीएपी बैग के चुकाने पड़ रहे हैं। अन्य प्रकार की खाद व सामग्री देने का दबाव बनाया जा रहा है। यदि खाद के साथ सामान नहीं खरीदे तो खाद नहीं मिलेगी। यह कैसी व्यवस्था है।- मदन सिंह, भुरजट
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रिकाॅर्ड लेकर किसानों की परेशानी बढ़ाई जा रही है। हालात तो यह है कि जिम्मेदारों के पास पर्याप्त खाद नहीं है। शुक्रवार को 400 किसानों को 800 बैग उपलब्ध कराए गए हैं। आधे से अधिक किसान सुबह पांच बजे से लाइनों में लगने के बाद भी निराश लौटे हैं।- प्रभातीलाल, बुडीन
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दो दिनों से लगातार खाद के लिए चक्कर लगा रहा है। वीरवार को भी सुबह पांच बजे आकर लाइन में लग गया था। जब नंबर आने को हुआ तो पांच बजे ही जिम्मेदारों ने मशीन खराब होने का हवाला देते हुए वितरण बंद कर दिया। - हरिराम, खायरा
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कई किसानों के पास मोबाइल नहीं है। ऐसे में आधार नंबर में दर्ज मोबाइल पर ओटीपी जाता है, जब तक परिवार वालों से ओटीपी पूछकर बताया जाता है तब तक खिड़की पर कोई दूसरा खड़ा मिलता है।- रामौतार, डुलाना
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- वर्जन:
हैफेड की ओर से महेंद्रगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए 30 हजार बैग की मांग भेजी गई थी। अभी तक सात हजार बैग की डीएपी उपलब्ध हो पाई है। दो दिनों में और खाद उपलब्ध हो जाएगी। उपलब्धता के आधार पर किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है। किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराया जाएगा।

--- जगराम यादव, प्रबंधक हैफेड, महेंद्रगढ़।
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- वर्जन: 2
किसानों की भीड़ देखते हुए व्यवस्था के हिसाब से वितरण किया जा रहा है। केंद्र पर लगातार खाद पहुंच रहा है जितना खाद आता है उसी हिसाब से वितरण भी कर दिया जाता है। किसानों की मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा। शुक्रवार को भी करीब 400 किसानों को खाद उपलब्ध कराया गया है।
--- डॉ. अजय यादव, उपमंडल अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़।
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