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Mahendragarh-Narnaul News: हर साल 25% तक बढ़ा देते हैं फीस
Thu, 10 Apr 2025 01:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 10 Apr 2025 01:12 AM IST
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नारनौल। हर साल परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जब अभिभावक निजी स्कूल में बच्चों का दाखिला अगली कक्षा में करवाते हैं तो 20 से 25 प्रतिशत फीस बढ़ाकर वसूला जाता है।
शहर में कुछ बड़े निजी स्कूल तो ऐसे हैं जिनकी फीस दे पाना हर किसी के लिए संभव ही नहीं है। अभिभावकों से वसूली जा रही फीस पर शिक्षा विभाग को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। निजी स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। इस साल भी अधिकतर निजी स्कूलों ने बिना फार्म-6 भरे फीस में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी है।
शिक्षा विभाग भी इस बार फार्म-6 भरवाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यही वजह है कि निजी स्कूलों ने मनमानी करते हुए फीस बढ़ा दी है। यही नहीं मासिक फीस के अलावा कुछ निजी स्कूल तो हर साल अभिभावकों से दाखिला फीस अलग से ले रहे हैं। जबकि शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेश है कि एक बार दाखिला लेने के बाद दाखिला फीस हर साल नहीं ली जा सकती। अभिभावकों की मानें तो इस बार अधिकतर निजी स्कूलों से 20 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है।
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बसों का किराया भी बढ़ाया जा रहा
हर साल फीस बढ़ने के साथ निजी स्कूल बसों का मासिक किराया भी बढ़ा रहे हैं। इस बार यह किराया 100 से 200 रुपये तक बढ़ाया गया है। निजी स्कूल पहले जहां शहर में 700 रुपये मासिक किराया एक बच्चे से लेते थे, वहीं अब इसे 800 से 1000 रुपये तक कर दिया गया है।
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शहर में कुछ बड़े निजी स्कूल तो ऐसे हैं जिनकी फीस दे पाना हर किसी के लिए संभव ही नहीं है। अभिभावकों से वसूली जा रही फीस पर शिक्षा विभाग को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। निजी स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। इस साल भी अधिकतर निजी स्कूलों ने बिना फार्म-6 भरे फीस में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी है।
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शिक्षा विभाग भी इस बार फार्म-6 भरवाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यही वजह है कि निजी स्कूलों ने मनमानी करते हुए फीस बढ़ा दी है। यही नहीं मासिक फीस के अलावा कुछ निजी स्कूल तो हर साल अभिभावकों से दाखिला फीस अलग से ले रहे हैं। जबकि शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेश है कि एक बार दाखिला लेने के बाद दाखिला फीस हर साल नहीं ली जा सकती। अभिभावकों की मानें तो इस बार अधिकतर निजी स्कूलों से 20 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है।
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बसों का किराया भी बढ़ाया जा रहा
हर साल फीस बढ़ने के साथ निजी स्कूल बसों का मासिक किराया भी बढ़ा रहे हैं। इस बार यह किराया 100 से 200 रुपये तक बढ़ाया गया है। निजी स्कूल पहले जहां शहर में 700 रुपये मासिक किराया एक बच्चे से लेते थे, वहीं अब इसे 800 से 1000 रुपये तक कर दिया गया है।