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Mahendragarh-Narnaul News: जमीन के विवाद में महिला की मौत पर पिता और दो बेटों को उम्रकैद
Sat, 13 Sep 2025 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:32 AM IST
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फोटो नंबर-05नारनौल का न्यायिक परिसर।
नारनौल। एडिशल सेशन जज हर्षाली चौधरी की कोर्ट ने शहर के पीरआगा मोहल्ला में जमीन के विवाद के दौरान पिटाई से महिला की मौत होने पर पिता और दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
घटना 2019 में हुई थी। इसके बाद आरोपी जमानत पर चल रहे थे। अब तीनों को आजीवन कारावास और 25,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को छह महीने का कठोर कारावास भुगतना होगा। मोहल्ला पीरआगा निवासी कैलाश और रामकिशोर एक ही परिवार के सदस्य हैं।
दोनों के बीच एक प्लॉट को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इसके बाद 28 अक्तूबर 2019 को आपस में झगड़ा हो गया था। झगड़े के मारपीट से महिला संतोष की मौत हो गई थी। दो अन्य सदस्य भी घायल हो गए थे। पुलिस ने कैलाश को 29 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 11 जून 2020 को जमानत मिल गई थी। वहीं कैलाश के बेटे अमित और अजित भी जमानत पर अभी बाहर थे।
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न्यायालय ने 10 सितंबर को कैलाश व बेटे अजित व अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय में तीनों के बयान अलग-अलग दर्ज किए गए। इसके बाद न्यायाधीश ने सभी की दलील सुनकर दोषियों को सजा सुनाई। मृत महिला संतोष के बेटे मुकेश कुमार ने बताया कि वह न्याय से खुश है। आखिरकार दोषियों को सजा मिल ही गई।
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घटना 2019 में हुई थी। इसके बाद आरोपी जमानत पर चल रहे थे। अब तीनों को आजीवन कारावास और 25,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को छह महीने का कठोर कारावास भुगतना होगा। मोहल्ला पीरआगा निवासी कैलाश और रामकिशोर एक ही परिवार के सदस्य हैं।
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दोनों के बीच एक प्लॉट को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इसके बाद 28 अक्तूबर 2019 को आपस में झगड़ा हो गया था। झगड़े के मारपीट से महिला संतोष की मौत हो गई थी। दो अन्य सदस्य भी घायल हो गए थे। पुलिस ने कैलाश को 29 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 11 जून 2020 को जमानत मिल गई थी। वहीं कैलाश के बेटे अमित और अजित भी जमानत पर अभी बाहर थे।
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न्यायालय ने 10 सितंबर को कैलाश व बेटे अजित व अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय में तीनों के बयान अलग-अलग दर्ज किए गए। इसके बाद न्यायाधीश ने सभी की दलील सुनकर दोषियों को सजा सुनाई। मृत महिला संतोष के बेटे मुकेश कुमार ने बताया कि वह न्याय से खुश है। आखिरकार दोषियों को सजा मिल ही गई।