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Mahendragarh-Narnaul News: भारत अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में हुई जनसभा
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डी अटेली। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बैनर तले सोमवार को गांव चंदपुरा में किसानों और भूमिहीन ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जनसभा हुई। सभा की शुरुआत शहीद भगत सिंह की जयंती पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई।
मुख्य वक्ता एडवोकेट राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों और खेत मजदूरों की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, रोजगार और कर्ज जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने 26 अक्टूबर को रोहतक के नांदल भवन, बोहर में होने वाली प्रदेश स्तरीय महापंचायत में ग्रामीणों से शामिल होने का आह्वान किया।
संगठन ने भारत-अमेरिका समेत सभी मुक्त व्यापार समझौते रद्द करने, सभी फसलों पर सी2+50 प्रतिशत लागत के आधार पर कानूनी गारंटी वाला एमएसपी लागू करने और किसानों के लिए कर्जमाफी कानून बनाने की मांग रखी। चार लेबर कोड वापस लेने व मजदूरों और स्कीम वर्कर्स के लिए 31 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग भी उठाई गई।
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इसके अलावा फसल खराबे पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा, मनरेगा में 200 दिन काम व 700 रुपये दिहाड़ी, 10 हजार रुपये वृद्धावस्था पेंशन और खाली सरकारी पदों पर स्थायी भर्ती की मांग की गई। ग्रामीणों ने महापंचायत में पहुंचने का भरोसा दिलाया।
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मुख्य वक्ता एडवोकेट राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों और खेत मजदूरों की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, रोजगार और कर्ज जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने 26 अक्टूबर को रोहतक के नांदल भवन, बोहर में होने वाली प्रदेश स्तरीय महापंचायत में ग्रामीणों से शामिल होने का आह्वान किया।
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संगठन ने भारत-अमेरिका समेत सभी मुक्त व्यापार समझौते रद्द करने, सभी फसलों पर सी2+50 प्रतिशत लागत के आधार पर कानूनी गारंटी वाला एमएसपी लागू करने और किसानों के लिए कर्जमाफी कानून बनाने की मांग रखी। चार लेबर कोड वापस लेने व मजदूरों और स्कीम वर्कर्स के लिए 31 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग भी उठाई गई।
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इसके अलावा फसल खराबे पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा, मनरेगा में 200 दिन काम व 700 रुपये दिहाड़ी, 10 हजार रुपये वृद्धावस्था पेंशन और खाली सरकारी पदों पर स्थायी भर्ती की मांग की गई। ग्रामीणों ने महापंचायत में पहुंचने का भरोसा दिलाया।