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भाजपा शासनकाल में दुर्दशा का शिकार बना किसान : योगेंद्र यादव
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अखिल भारतीय किसान सभा का धरना रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन का रविवार को चौथा दिन रहा। किसान सभा को रविवार को स्वराज इंडिया पार्टी के संयोजक योगेंद्र यादव ने भी अपना समर्थन दिया और किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों के साथ हो रहे भेदभाव की लड़ाई में स्वराज इंडिया किसान आंदोलन के साथ है तथा उनके संघर्ष में साथ दिया जाएगा।
स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने रविवार को जिला सचिवालय में जारी किसानों के धरने में शामिल होकर किसानों को समर्थन दिया। इस मौके पर योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने किसान की जमीन को कोड़ियों के भाव लेकर उसे भूखमरी के लिए छोड़ दिया है। जबकि भूमि अधिनियम के तहत किसानों की अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा चार गुना अधिक होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में किसान दुर्दशा का शिकार बना है, लेकिन सरकार में बैठे जनप्रतिनिधि किसानों की पीड़ा को सही ढ़ग से नहीं समझ पा रहे हैं। किसान नेता ने दोहराया कि आने वाले समय में किसान की किसानी छूटने का भय तो रहेगा ही। वहीं, किसान के बर्बादी के कगार पर पहुंचने के आसार भी पैदा होंगे। रविवार को धरने की अध्क्षता महेंद्र सिंह ने की तथा कार्यक्रम संचालन का संचालन शेर सिंह ने किया। इस मौके पर धर्मपाल, महेंद्र बोयत, हवा सिंह यादव, लक्षमण दास, मास्टर धमेंद्र यादव, राज सिंह, सुरेश, प्रभाती लाल, रामेश्वर, दलीप सिंह, अभय सिंह यादव, मनोहर शर्मा, फतेह सिंह, कृष्ण जेलदार व गजराज सिंह सहित अनेकों किसान मौजूद रहे।
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स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने रविवार को जिला सचिवालय में जारी किसानों के धरने में शामिल होकर किसानों को समर्थन दिया। इस मौके पर योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने किसान की जमीन को कोड़ियों के भाव लेकर उसे भूखमरी के लिए छोड़ दिया है। जबकि भूमि अधिनियम के तहत किसानों की अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा चार गुना अधिक होना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में किसान दुर्दशा का शिकार बना है, लेकिन सरकार में बैठे जनप्रतिनिधि किसानों की पीड़ा को सही ढ़ग से नहीं समझ पा रहे हैं। किसान नेता ने दोहराया कि आने वाले समय में किसान की किसानी छूटने का भय तो रहेगा ही। वहीं, किसान के बर्बादी के कगार पर पहुंचने के आसार भी पैदा होंगे। रविवार को धरने की अध्क्षता महेंद्र सिंह ने की तथा कार्यक्रम संचालन का संचालन शेर सिंह ने किया। इस मौके पर धर्मपाल, महेंद्र बोयत, हवा सिंह यादव, लक्षमण दास, मास्टर धमेंद्र यादव, राज सिंह, सुरेश, प्रभाती लाल, रामेश्वर, दलीप सिंह, अभय सिंह यादव, मनोहर शर्मा, फतेह सिंह, कृष्ण जेलदार व गजराज सिंह सहित अनेकों किसान मौजूद रहे।
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