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जिले में हैफेड ने खरीद की बंद, मात्र चार से पांच दिन चली खरीद

Fri, 14 Oct 2022 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 11:54 PM IST
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Farmers upset due to closure of government procurement, markets are selling at throwaway prices
बाजरे के बैगों का उठान करते मजदूर---संवाद - फोटो : Narnol
नारनौल। जिले में हैफेड ने बाजरेे की सरकारी खरीद बंद कर दी है। जिले के 71626 रजिस्टर्ड किसानों में से मात्र 4857 किसानों का बाजरा खरीदा गया है। अब तक हैफेड की ओर से एक लाख 47 हजार 570 टन बाजरे की खरीद की है जबकि सरकारी आंकड़े के अनुसार अनुमानित कुल उत्पादन लगभग 2 लाख 70 हजार 520 टन होना था।
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सरकार ने कुल उत्पादन से एक लाख टन कम बाजरे की खरीद की है। सरकारी खरीद बंद होने से किसान परेशान है। वो औने पौने दामों पर बाजरा बेचने को मजबूर हैं। किसानों ने खरीद बंद पर अपनी नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। वहीं विपक्षी पार्टी के नेताओं ने सरकार को किसान विरोधी सरकार बताया है। जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार से आग्रह कर दोबारा से खरीद चालू करवाया जाएगा।
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बाजरा दक्षिण हरियाणा की प्रमुख फसल है। पानी की कमी के चलते यहां के किसान खरीफ की फसल के समय बाजरा ही बोते हैं। इसी फसल के चलते उनकी आजीविका चलती है। पिछले दो वर्षों से मरुभूमि में अन्न पैदा करने वाले अन्नदाता का सरकार अन्न नहीं खरीद रही है। पिछले वर्ष सरकार ने बाजरे की खरीद नहीं की। केवल किसानों के खातों में 600 रुपये भावांतर योजना के तहत डाल दिए थे तो इस बार मुश्किल से एक सप्ताह बाजरे की खरीद हो पाई है। जिले का अन्नदाता अपना बाजरा लेकर जगह-जगह घूम रहा है। नई अनाज मंडी तो बिना किसानों के वीरान हो गई है जबकि पुरानी मंडी में किसान बाजरा औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। मंडी के अंदर आढ़ती एक-एक दो-दो रुपये बढ़ाकर बोली लगा रहे हैं। किसान का बाजरा 1600 से 1680 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। अच्छी किस्म का बाजरा 1750रुपये तक बोली लग रही है। सरकार का दावा है कि सभी किसानों के खाते में भावांतर योजना के तहत 450 रुपये डाले जाएंगे। सरकार ने समर्थन मूल्य 2350 रुपये रखा था। मंडी में आढ़ती से मिल रहा भाव और 450 रुपये को मिलाकर भी किसानों को 2350 रुपये नहीं मिल रहे। उनको 200 से 250 रुपये तक नुकसान प्रति क्विंटल पर उठाना पड़ रहा है।
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मंडी - कुल खरीद (मीट्रिक टन में)
नारनौल - 4462
अटेली - 4289
महेंद्रगढ़ - 1855
कनीना - 3988
सतनाली - 171
कुल - 14757
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स्थान - लाभान्वित किसानों की संख्या
नारनौल - 1447
अटेली - 1473
महेंद्रगढ़ - 569
कनीना - 1311
सतनाली - 57
कुल - 4857
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