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खाद आने की सूचना मिलते ही केंद्र की और दौड़ पड़े किसान
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अटेली मंडी में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़ । संवाद
- फोटो : Narnol
रबी फसल की बिजाई के समय किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से हाहाकार मचा हुआ है। मंगलवार को किसानों को सूचना मिली कि कोऑपरेटिव सोसायटी की सरकारी दुकान पर खाद उपलब्ध रहेगी। जिस पर मंगलवार सुबह ही सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष खाद के लिए एकत्रित हो गए, लेकिन बिक्री केंद्र पर खाद नहीं पहुंची। इससे किसानों में रोष पैदा हो गया और प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया।
किसान संजय, मनोज, राजेश, सुमेर सिंह, देव किशन, प्रमोद, बलवीर, बाबूलाल, सत्यवीर, दयाराम, धनपत सिंह, प्रहलाद सिंह, राम अवतार, अतुल कुमार, अजीत सिंह व विष्णु कुमार आदि ने बताया कि रबी की फसल की बिजाई के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता है। मगर सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिस कारण से किसान परेशान है। कोऑपरेटिव सोसायटी पर इस बार मात्र एक दिन 400 बैगों का वितरण किया गया था जो किसानों की संख्या को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब खाद की व्यवस्था की जाए ताकि किसान अपनी फसल की बिजाई समय अनुसार कर सके।
बता दें कि खाद की कमी को लेकर एक पखवाड़े पूर्व कस्बे के निजी खाद बीज के दो व्यापारियों पर मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने छापामारी के बाद मामला दर्ज किया गया, क्योंकि व्यापारियों ने खाद का वितरण करने की बजाय गोदाम में दबाकर रखा हुआ था। उस समय किसानों को कृषि विभाग व प्रशासन के अधिकारियों ने यह विश्वास दिया था कि जल्द ही खाद की समस्या को खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन इतना समय बीत जाने के बावजूद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है।
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किसान संजय, मनोज, राजेश, सुमेर सिंह, देव किशन, प्रमोद, बलवीर, बाबूलाल, सत्यवीर, दयाराम, धनपत सिंह, प्रहलाद सिंह, राम अवतार, अतुल कुमार, अजीत सिंह व विष्णु कुमार आदि ने बताया कि रबी की फसल की बिजाई के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता है। मगर सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिस कारण से किसान परेशान है। कोऑपरेटिव सोसायटी पर इस बार मात्र एक दिन 400 बैगों का वितरण किया गया था जो किसानों की संख्या को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब खाद की व्यवस्था की जाए ताकि किसान अपनी फसल की बिजाई समय अनुसार कर सके।
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बता दें कि खाद की कमी को लेकर एक पखवाड़े पूर्व कस्बे के निजी खाद बीज के दो व्यापारियों पर मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने छापामारी के बाद मामला दर्ज किया गया, क्योंकि व्यापारियों ने खाद का वितरण करने की बजाय गोदाम में दबाकर रखा हुआ था। उस समय किसानों को कृषि विभाग व प्रशासन के अधिकारियों ने यह विश्वास दिया था कि जल्द ही खाद की समस्या को खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन इतना समय बीत जाने के बावजूद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है।
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