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Mahendragarh-Narnaul News: तीन माह से किसानों को नहीं मिल रही सब्जियों की पौध, पांच जिलों के किसान वंचित

Sat, 20 Jul 2024 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 20 Jul 2024 11:41 PM IST
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Farmers are not getting vegetable seedlings for three months, farmers of five districts are deprived
फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद
महेंद्रगढ़। बागवानी विकास केंद्र सुंदरह के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते पांच जिलों के करीब 200 किसान सब्जियों की 3 लाख पौध से वंचित रह गए हैं। तीन माह से केंद्र की ढाई एकड़ भूमि पर 55.13 लाख की लागत से बने हाईटेक पॉलीहाउस की मरम्मत तक नहीं करा पाए हैं।
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मई के दौरान आए अंधड़ के कारण 2016 वर्ग मीटर में पांच लाख पौध की क्षमता वाला यह हाईटेक पॉलीहाउस फट गया था। पिछले तीन माह से पांच जिलों के किसान बीज लेकर विकास केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार पॉलीहाउस फटा होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से बना यह पॉलीहाउस किसानों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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वर्ष 2019 में छह करोड़ की लागत से गांव सुंदरह की 12 एकड़ भूमि पर बने इस बागवानी विकास केंद्र का शुभारंभ तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा किया गया था। हर वर्ष जिला के साथ-साथ प्रदेश के 200 से अधिक किसानों को सस्ती दर पर सीजन के हिसाब से सब्जियों की 30 लाख पौध उपलब्ध हो पाती थी। हाईटेक सुविधाओं से लैस पांच लाख क्षमता की पौध तैयार करने वाले छह पॉलीहाउसों का निर्माण कराया गया था। पांच पॉलीहाउसों में पहले से ही विभिन्न फसलें लगी हुई हैं। तीन माह से पौध तैयार करने वाला प्रमुख पॉलीहाउस फटा होने के कारण जिम्मेदार भी कोई बुकिंग नहीं ले पा रहे हैं। यह केंद्र विशेषकर दक्षिणी हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, भिवानी व झज्जर के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। किसान मौसम के हिसाब से गुणवत्ता वाली सब्जियों के हाईटेक बीज देकर सस्ती दरों पर पौध तैयार कर खेतों में बिजाई करते थे।
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किसानों को हो रहा है लाखों रुपये का नुकसान
सुंदरह के केंद्र पर पौध उपलब्ध नहीं होने के कारण दक्षिणी हरियाणा के किसानों को अब सब्जियों की पौध के लिए भिवानी के लोहारू खंड की नर्सरी व गुरुग्राम के गिगनाऊ की नर्सरियों का सहारा लेना पड़ रहा है। यहां से किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। साथ ही अधिक दूरी होने के कारण पौध की लागत भी बढ़ जाती है। साथ ही दूरी अधिक होने के कारण पौध के खराब होने की संभावना भी अधिक रहती है। इसके अलावा किसान इन केंद्रों के साथ-साथ राजस्थान व पंजाब तथा हरियाणा के अन्य क्षेत्रों से पौध लेने को मजबूर हैं।
हाल ही में बागवानी विकास केंद्र सुंदरह का चार्ज संभाला है। केंद्र की ओर से क्षतिग्रस्त पाॅलीहाउस की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये का बजट तैयार कर दिया गया है। आठ जुलाई को टेंडर लगाया गया था जो इसी सप्ताह खोल दिया जाएगा। एक माह के समय में इसकी मरम्मत का कार्य पूरा करा पौध तैयार करनी शुरू कर दी जाएगी। आगामी चार माह के समय में किसानों को सीजन के हिसाब से पौध उपलब्ध करानी शुरू कर दी जाएगी।

महाबीर शर्मा, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, एकीकृत बागवानी विकास केंद्र सुंदरह

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

फोटो संख्या:63- बागवानी विकास केंद सुंदरह में क्षतिग्रस्त पोली हाउस--संवाद

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