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Mahendragarh-Narnaul News: बीमा कराने में किसानों का रुझान कम, अब तक 959 का हुआ पंजीकरण
Sat, 21 Dec 2024 11:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 21 Dec 2024 11:15 PM IST
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फोटो नंबर-13खेत में खड़ी सरसों की फसल। संवाद
नारनौल। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों का रुझान कम होता जा रहा है। सात साल के अंतराल में बीमा करवाने वाले किसानों की संख्या में कमी आई है। वर्ष-2018 में 35,702 किसानों ने बीमा करवाया था, ताकि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हो सके। इस बार अब तक केवल 959 किसानों ने ही आवेदन किया है, जबकि 2022 में जिले के 13 हजार किसानों ने बीमा करवाया था। अब इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर बताई जा रही है।
वहीं महेंद्रगढ़ जिले के अलावा भी अन्य जिलों में अभी भी 500 से भी कम किसानों ने फसल बीमा योजना में दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि प्रदेश में सबसे ज्यादा सिरसा जिले के 37480 किसानों ने बीमा योजना में दिलचस्पी दिखाई है। बीमा नहीं करवाने के पीछे एक यह भी कारण बताया जा रहा है कि सरकार की तरफ ई क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से नुकसान की भरपाई कर दी जाती है। ऐसे में बीमा नहीं करवाने किसानों को आसानी से मुआवजा मिल जाता है, वहीं बीमा करवाने वाले किसान इससे वंचित हो जाते हैं।
फरीदाबाद में तो 64 किसानों ने ही बीमा करवाया है। इसके अलावा पंचकुला में 111, पानीपत में 149, झज्जर में 268, यमुनानगर में 265, रोहतक में 400, कुरुक्षेत्र में 300, करनाल में 293 किसानों ने ही बीमा करवाया है, जो चिंता का विषय है।
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वहीं महेंद्रगढ़ जिले के अलावा भी अन्य जिलों में अभी भी 500 से भी कम किसानों ने फसल बीमा योजना में दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि प्रदेश में सबसे ज्यादा सिरसा जिले के 37480 किसानों ने बीमा योजना में दिलचस्पी दिखाई है। बीमा नहीं करवाने के पीछे एक यह भी कारण बताया जा रहा है कि सरकार की तरफ ई क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से नुकसान की भरपाई कर दी जाती है। ऐसे में बीमा नहीं करवाने किसानों को आसानी से मुआवजा मिल जाता है, वहीं बीमा करवाने वाले किसान इससे वंचित हो जाते हैं।
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फरीदाबाद में तो 64 किसानों ने ही बीमा करवाया है। इसके अलावा पंचकुला में 111, पानीपत में 149, झज्जर में 268, यमुनानगर में 265, रोहतक में 400, कुरुक्षेत्र में 300, करनाल में 293 किसानों ने ही बीमा करवाया है, जो चिंता का विषय है।
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