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Mahendragarh-Narnaul News: बाजरे की भावांतर राशि न मिलने से किसानों में रोष
Mon, 03 Nov 2025 11:35 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:35 PM IST
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कनीना। बाजरे की भावांतर राशि अभी तक नहीं मिलने को लेकर किसानों में असंतोष है। किसानों का कहना है कि सरकार ने खरीफ सीजन के दौरान किए गए वादों को अभी तक पूरा नहीं किया है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता अतरलाल एडवोकेट ने कृषि कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा को ज्ञापन भेजकर बाजरे की भावांतर राशि किसानों के खातों में भेजने और 575 रुपये से बढ़ाकर इसे 975 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
कहा कि जिला की अनाज मंडियों में करीब डेढ़ महीने से बाजरे की खरीद जारी है लेकिन अब तक किसानों के खातों में एक रुपये तक की भावांतर राशि नहीं पहुंची है। इससे किसान खाद-बीज और अगली फसल की तैयारी के लिए परेशान हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदने और 575 रुपये भावांतर राशि देने का ऐलान किया था लेकिन न तो सरकारी खरीद पूरी हुई और न ही किसानों को उनका हक मिला। किसान अपना बाजरा 400 रुपये प्रति क्विंटल कम दर पर बेचने को विवश हैं। चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर किसानों की दोनों मांगे पूरी नहीं की गई तो बसपा किसान पंचायत कर आंदोलन शुरू करेगी।
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बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता अतरलाल एडवोकेट ने कृषि कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा को ज्ञापन भेजकर बाजरे की भावांतर राशि किसानों के खातों में भेजने और 575 रुपये से बढ़ाकर इसे 975 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
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कहा कि जिला की अनाज मंडियों में करीब डेढ़ महीने से बाजरे की खरीद जारी है लेकिन अब तक किसानों के खातों में एक रुपये तक की भावांतर राशि नहीं पहुंची है। इससे किसान खाद-बीज और अगली फसल की तैयारी के लिए परेशान हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदने और 575 रुपये भावांतर राशि देने का ऐलान किया था लेकिन न तो सरकारी खरीद पूरी हुई और न ही किसानों को उनका हक मिला। किसान अपना बाजरा 400 रुपये प्रति क्विंटल कम दर पर बेचने को विवश हैं। चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर किसानों की दोनों मांगे पूरी नहीं की गई तो बसपा किसान पंचायत कर आंदोलन शुरू करेगी।