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Mahendragarh-Narnaul News: देशव्यापी हड़ताल के लिए किसान व मजदूर संगठनाें ने बनाई रणनीति
Sat, 03 Feb 2024 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 03 Feb 2024 12:17 AM IST
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नारनौल। केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी व किसान संगठन एआईकेकेएम की बैठक शुक्रवार को एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह की अध्यक्षता में पुराना लघु सचिवालय पार्क नारनौल में की गई। संचालन जिला सचिव छाजूराम रावत ने किया।
बैठक में केंद्र व राज्य सरकारों की मजदूर-कर्मचारी, किसान विरोधी व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 16 फरवरी को देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल और ग्रामीण बंद में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी पर हमले कर रही है। श्रम कानूनों को खत्म कर उनकी जगह चार लेबर कोड लाकर यह काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 करने, छंटनी, लेऑफ व तालाबंदी की खुली छूट देने, हड़ताल करना व यूनियन बनाना असंभव बना देने, वेतन व सुविधा कटौती करने, वर्कलोड बढ़ाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं करने, रात्रि पाली में महिलाओं से ड्यूटी कराने जैसे मजदूर-कर्मचारी विरोधी प्रावधान लागू कर रही है। एआईकेकेएमएस के जिला सचिव डाॅ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि सरकार एमएसपी कानून बनाने से मुकर गई है। बैठक में एआईयूटीयूसी जिला के उप प्रधान सीताराम, आंगनबाड़ी यूनियन की राज्य प्रधान कृष्णा देवी, बलजीत, कृष्णा, सुरेश कुमारी, निधि मित्तल, ग्रामीण चौकीदार संगठन के जिला प्रधान सुरेश चंद, ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन के जिला प्रधान महेंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र कुमार मकसुसपुरिया, महावीर प्रसाद, राजकुमार व बिनोद आदि उपस्थित रहे।
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बैठक में केंद्र व राज्य सरकारों की मजदूर-कर्मचारी, किसान विरोधी व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 16 फरवरी को देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल और ग्रामीण बंद में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी पर हमले कर रही है। श्रम कानूनों को खत्म कर उनकी जगह चार लेबर कोड लाकर यह काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 करने, छंटनी, लेऑफ व तालाबंदी की खुली छूट देने, हड़ताल करना व यूनियन बनाना असंभव बना देने, वेतन व सुविधा कटौती करने, वर्कलोड बढ़ाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं करने, रात्रि पाली में महिलाओं से ड्यूटी कराने जैसे मजदूर-कर्मचारी विरोधी प्रावधान लागू कर रही है। एआईकेकेएमएस के जिला सचिव डाॅ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि सरकार एमएसपी कानून बनाने से मुकर गई है। बैठक में एआईयूटीयूसी जिला के उप प्रधान सीताराम, आंगनबाड़ी यूनियन की राज्य प्रधान कृष्णा देवी, बलजीत, कृष्णा, सुरेश कुमारी, निधि मित्तल, ग्रामीण चौकीदार संगठन के जिला प्रधान सुरेश चंद, ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन के जिला प्रधान महेंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र कुमार मकसुसपुरिया, महावीर प्रसाद, राजकुमार व बिनोद आदि उपस्थित रहे।
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