{"_id":"68c1ba4b789187a28805153a","slug":"face-challenges-with-patience-dr-rp-singh-narnol-news-c-196-1-nnl1003-129506-2025-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनौतियों का सामना धैर्य से करें : डॉ. आरपी सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनौतियों का सामना धैर्य से करें : डॉ. आरपी सिंह
Wed, 10 Sep 2025 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:20 PM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-05महिला कॉलेज में आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम व्यख्यान देती छात्रा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। राजकीय महिला महाविद्यालय के परामर्श प्रकोष्ठ ने बुधवार को चेंज द नैरेटिव विषय पर व्याख्यान एवं आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम परामर्श प्रकोष्ठ, जीसीडब्ल्यू नारनौल तथा मनोचिकित्सा विभाग नागरिक अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभाग से उषा चौधरी, निक्की यादव तथा नवीन यादव ने आत्मघाती विचारों के कारणों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आत्महत्या की प्रवृत्ति से बचने और दूसरों को बचाने के उपाय बताए। डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और धैर्य के साथ करना चाहिए। महाविद्यालय की डॉ. प्रियंका कुमारी एवं डॉ. वंदना कुमारी ने परामर्श प्रकोष्ठ की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को तनाव की स्थिति में परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ, सशक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय से डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. सुनीता जाखड़, शर्मिला, डॉ. नीलम, डॉ. पूनम, डॉ. राधिका, डॉ. मुनेश, सुमन व पूजा बत्रा आदि सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभाग से उषा चौधरी, निक्की यादव तथा नवीन यादव ने आत्मघाती विचारों के कारणों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आत्महत्या की प्रवृत्ति से बचने और दूसरों को बचाने के उपाय बताए। डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और धैर्य के साथ करना चाहिए। महाविद्यालय की डॉ. प्रियंका कुमारी एवं डॉ. वंदना कुमारी ने परामर्श प्रकोष्ठ की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को तनाव की स्थिति में परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ, सशक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय से डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. सुनीता जाखड़, शर्मिला, डॉ. नीलम, डॉ. पूनम, डॉ. राधिका, डॉ. मुनेश, सुमन व पूजा बत्रा आदि सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
विज्ञापन